
देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए वार्षिक गृह परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी हो गया है, लेकिन यह राहत के बजाय नई उलझन लेकर आया है। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं कुल आठ दिन की होंगी, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के कारण इसका प्रभाव करीब 42 दिनों तक छात्रों की पढ़ाई और मानसिक तैयारी पर पड़ेगा। लंबे अंतराल में छात्रों को लगातार परीक्षा मोड में रहना होगा, जिससे पढ़ाई की निरंतरता और एकाग्रता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा कक्षा छह से नौवीं और 11वीं की वार्षिक गृह परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया गया है। पहले चरण की परीक्षाएं 12 से 17 फरवरी के बीच होंगी। इसके बाद बोर्ड परीक्षाओं के चलते लंबा अंतराल रहेगा और शेष परीक्षाएं 23 से 25 मार्च के बीच कराई जाएंगी। इस व्यवस्था के चलते छात्र करीब डेढ़ महीने तक परीक्षा की तैयारी के दबाव में रहेंगे।
आधिकारिक जानकारी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने स्पष्ट किया है कि जनपद स्तर पर परीक्षा कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जाएगा। स्कूलों और छात्रों को इसी तय शेड्यूल के अनुसार व्यवस्थाएं करनी होंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा की खिंची हुई समयावधि से बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ेगा। शिक्षकों ने भी चिंता जताई है कि लंबे अंतराल में छात्रों की पढ़ाई की लय टूट सकती है और पुनः तैयारी शुरू करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
31 मार्च तक जारी करने होंगे परिणाम
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को 31 मार्च तक वार्षिक गृह परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने होंगे। जिन जिलों में किसी कारणवश अवकाश की स्थिति बनती है, वहां 30 मार्च को ही परिणाम जारी करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की समय पर शुरुआत सुनिश्चित करना है।
बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम
इसी बीच उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो 15 फरवरी तक चलेंगी। लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 156 संवेदनशील और छह अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं।
संख्या / तथ्य
गृह परीक्षाएं कुल आठ दिन की होंगी। छात्रों पर प्रभाव करीब 42 दिनों तक रहेगा। बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
आगे क्या होगा
गृह परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं के बीच संतुलन बनाना स्कूल प्रशासन और छात्रों दोनों के लिए चुनौती रहेगा। शिक्षा विभाग का फोकस निर्धारित समयसीमा में परीक्षाएं और परिणाम घोषित कर नए सत्र की शुरुआत सुनिश्चित करने पर है।







