
नैनीताल जनपद के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिलाधिकारी के आदेश पर धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंड में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में 15 जनवरी से 17 जनवरी तक तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते कुछ समय से नैनीताल जनपद के पर्वतीय इलाकों में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों के पास वन्यजीवों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, जिसका असर बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति पर भी पड़ रहा है।
आधिकारिक जानकारी
भीमताल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तीन दिवसीय अवकाश का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार यह अवकाश 15 जनवरी से 17 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।
आदेश में क्या कहा गया
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को सुनसान और जंगली क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके साथ अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी रूप से शैक्षणिक गतिविधियों को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से यह निर्णय जरूरी था। लोगों ने वन विभाग से भी क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि हालात जल्द सामान्य हो सकें।
आदेश का पालन और निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति में सुधार होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार, वन्यजीव गतिविधियों में कमी और हालात सामान्य होने के बाद स्कूलों को पुनः खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। तब तक बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।




