
देहरादून: इस सीजन बारिश और बर्फबारी न होने से उत्तराखंड में सूखी ठंड ने मैदान से लेकर पहाड़ तक लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिनों बाद पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बदलाव आ सकता है, जिससे हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके असर से प्रदेशभर में दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में घने कोहरे और रात के तापमान में कमी के चलते ठंड और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जनवरी के मध्य में भी प्रदेश में अपेक्षित बारिश और हिमपात नहीं हुआ है। इसके चलते नमी की कमी बनी हुई है और सूखी ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। इसका प्रभाव जनजीवन के साथ-साथ खेती और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है।
आज का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि मैदानी जिलों देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के साथ नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कब बदलेगा मौसम
पूर्वानुमान के मुताबिक 16 से 19 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सूखी ठंड का सबसे ज्यादा असर मैदानी क्षेत्रों में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश न होने से ठंड चुभन भरी महसूस हो रही है। सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दफ्तर और स्कूल जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार यदि पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी होती है, तो इससे तापमान में और गिरावट आएगी और मैदानी क्षेत्रों में ठंड का असर कुछ दिनों तक बना रह सकता है।







