
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बृहस्पतिवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। बैठक में पर्यटन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। इसी बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लंबे समय से लंबित भूमि विवादों के शीघ्र और प्रभावी निपटारे के लिए एक माह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि भूमि विवाद आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं और कानून-व्यवस्था से सीधे जुड़े होते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ भूमि से जुड़े विवाद लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कई मामलों में ये विवाद कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इन मामलों के समाधान के लिए समयबद्ध अभियान की घोषणा की है।
कैबिनेट बैठक में क्या होगा खास
आज होने वाली कैबिनेट बैठक में पर्यटन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन किया जाएगा। बैठक से कई नीतिगत और विकास संबंधी निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
भूमि विवाद निपटारे के लिए विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में लंबित भूमि विवादों के समाधान के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर सभी विवादित मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए और अभियान के अंत तक लंबित मामलों को शून्य स्तर तक लाने का प्रयास हो।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
सीएम धामी ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और इनके कारण सामाजिक तनाव भी उत्पन्न होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव इस अभियान की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करेंगे।
तहसील स्तर पर समितियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और चकबंदी विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक, राजस्व और पुलिस समन्वय के साथ विवादों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
आगे क्या होगा
सरकार का कहना है कि विशेष अभियान के जरिए भूमि विवादों के त्वरित निपटारे से न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था भी मजबूत होगी। कैबिनेट बैठक के फैसलों और अभियान की प्रगति पर आने वाले दिनों में नजर रहेगी।




