
देहरादून। जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 800 से अधिक शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें 773 ऐसे लाइसेंसधारी शामिल हैं, जिन्होंने निर्धारित समय के बावजूद एनडीएल पोर्टल पर विशेष पहचान संख्या (यूआईडी) नहीं बनाई थी। इसके अलावा 54 ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें लाइसेंसधारियों के पास निर्धारित सीमा से अधिक शस्त्र पाए गए। प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने अतिरिक्त शस्त्र थाने में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शस्त्र लाइसेंस व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जून 2020 से नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस–आर्म्स लाइसेंस इश्यूएंस सिस्टम (एनडीएएल-एएलआईएस) पोर्टल पर यूआईडी बनाना अनिवार्य किया गया था। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान और सूचनाएं जारी की जाती रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि बार-बार सूचना और पर्याप्त समय देने के बावजूद 773 शस्त्र लाइसेंसधारियों ने यूआईडी जनरेट नहीं की। ऐसे मामलों में आयुध नियम 2016 के तहत लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इन सभी को दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने के लिए नियमानुसार पूरी प्रक्रिया अपनानी होगी।
नियम उल्लंघन पर कार्रवाई
गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में आयुध अधिनियम में संशोधन कर एक लाइसेंस पर शस्त्रों की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी गई थी। इसके बावजूद 54 लाइसेंसधारियों के पास दो से अधिक शस्त्र पाए गए। नोटिस देने के बाद भी जवाब न मिलने पर इनके अतिरिक्त शस्त्र पोर्टल से हटाते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी अतिरिक्त शस्त्र शीघ्र थाने में जमा कराए जाएं। खेल प्रतियोगिता के लिए स्वीकृत शस्त्र लाइसेंसधारी इस कार्रवाई से बाहर रखे गए हैं।
प्रशासनिक आदेश
इस संबंध में एसडीएम कुमकुम जोशी की ओर से आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं और पुलिस को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
प्रश सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन आगे भी शस्त्र लाइसेंसों की नियमित समीक्षा करेगा। नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।







