
देहरादून। उत्तराखंड में आरटीओ और परिवहन विभाग के प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी जल्द ही नई वर्दी में नजर आएंगे। पहली बार उनकी यूनिफॉर्म, रैंक और पदनाम से जुड़े नियमों का ड्राफ्ट जारी किया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट के समक्ष लाने की तैयारी है। इस बदलाव का उद्देश्य प्रवर्तन कर्मियों की स्पष्ट पहचान, अनुशासन और रैंक संरचना में एकरूपता लाना है। ड्राफ्ट पर 15 जनवरी तक सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अब तक परिवहन विभाग के प्रवर्तन कर्मियों के लिए स्पष्ट और एकरूप वर्दी व्यवस्था नहीं थी। इससे पहचान और रैंक को लेकर भ्रम की स्थिति बनती रही। नए संशोधन के जरिए राज्य सरकार प्रवर्तन व्यवस्था को अधिक संगठित और पेशेवर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
आधिकारिक जानकारी
सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत ने उत्तराखंड मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत उत्तराखंड मोटर वाहन नियमावली, 2011 के नियम 229 में संशोधन प्रस्तावित है। ड्राफ्ट के अनुसार विभिन्न पदों के नाम, रैंक तथा ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन वर्दी तय की गई है। अधिकारी संपर्क में नहीं आए, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे कैबिनेट में रखने की तैयारी बताई जा रही है।
वर्दी में क्या-क्या होगा
नई वर्दी में टोपी (कैप) पर उत्तराखंड परिवहन का मोनोग्राम होगा। खाकी शर्ट के साथ पुलिस पैटर्न की पैंट, कंधे का बैज, शोल्डर स्ट्रैप और रैंक चिह्न (स्टार व वी-शेप स्ट्रैप) शामिल होंगे। काला या भूरा क्रॉस बेल्ट, पद के अनुसार जूते और मोजे तथा नाम पट्टिका अनिवार्य होगी। वरिष्ठ पदों के लिए पीली धातु के स्टार, अशोक चिह्न और विशेष बैज का भी प्रावधान किया गया है।
पदनाम में प्रस्तावित बदलाव
- सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को अब संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) कहा जाएगा।
- प्रवर्तन पर्यवेक्षक के स्थान पर ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट इंस्पेक्टर पदनाम होगा।
- प्रवर्तन सिपाही के स्थान पर परिवहन सिपाही शब्द का प्रयोग किया जाएगा।
- नियमावली में ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर जैसे नए पद को भी जोड़ा गया है।
गर्मी और सर्दी की वर्दी अलग
ड्राफ्ट के अनुसार गर्मियों में हल्की खाकी वर्दी होगी, जबकि सर्दियों में फुल स्लीव एंगोला शर्ट, ऊनी मौजे और खाकी जैकेट शामिल की गई है। टोपी, सीटी, बैज, क्रॉस बेल्ट और नाम पट्टिका दोनों मौसमों में समान रहेंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिवहन से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि स्पष्ट वर्दी और रैंक व्यवस्था से फील्ड में काम करना आसान होगा और आमजन के बीच पहचान भी मजबूत होगी। उनका मानना है कि इससे अनुशासन और जवाबदेही बढ़ेगी।
आगे क्या होगा
15 जनवरी तक सुझाव मिलने के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर कैबिनेट में रखा जाएगा। मंजूरी के बाद संशोधित नियम लागू होंगे और प्रवर्तन कर्मियों को नई वर्दी प्रदान की जाएगी।






