
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराए जाने की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है। बंद के दौरान देहरादून के पलटन बाजार में मोर्चा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के बीच नोंकझोंक की स्थिति देखने को मिली। कहीं दुकानें बंद रहीं तो कई प्रतिष्ठान खुले रहे, जिसको लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई। हालांकि स्थिति बढ़ने से पहले ही मामला शांत करा लिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्यभर में लंबे समय से न्याय की मांग उठ रही है। हालिया घटनाक्रम में आंदोलनकारियों ने जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में कराने और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है।
पलटन बाजार में क्या हुआ
देहरादून के पलटन बाजार में दून उद्योग व्यापार मंडल पहले ही उत्तराखंड बंद को लेकर आपत्ति जता चुका था। इसी कारण बाजार में मिला-जुला असर देखने को मिला। कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जबकि कई दुकानों को खुला रखा गया। खुली दुकानों को देखकर मोर्चा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बंद करने को कहा, जिस पर व्यापारियों से नोकझोंक हो गई।
व्यापारियों की आपत्ति
व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व वार्ता के दुकानों को बंद कराने की कोशिश की जा रही है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब व्यापार मंडल से इस संबंध में कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई, तो जबरन बंद कैसे कराया जा सकता है। उनका कहना है कि वे आंदोलन का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी।
असमंजस की स्थिति
व्यापारियों ने यह भी कहा कि एक दिन पहले व्यापार मंडल ने दुकानें खोलने की बात कही थी, जबकि आज बंद रखने को कहा जा रहा है। इससे व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बन गई है। व्यापारियों के अनुसार वे आंदोलनकारियों के साथ सहयोग को तैयार हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
मंच की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी मंच का कहना है कि अब तक की घोषणाएं अस्पष्ट और भ्रमित करने वाली हैं। मंच की मुख्य मांग है कि सीबीआई जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। इसके साथ ही जांच के सभी बिंदु सार्वजनिक किए जाएं, प्रक्रिया पारदर्शी हो और इस हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद और विरोध के बीच आम जनता और छोटे व्यापारियों को असुविधा होती है। लोगों ने शांतिपूर्ण और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैनात है। आने वाले समय में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच वार्ता की संभावना से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।





