
देहरादून: अवैध मजारों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद देहरादून प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बीती रात घंटाघर के पास एचएनबी कॉम्प्लेक्स में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर राज्य सरकार लंबे समय से अभियान चला रही है। देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक अवैध मजारें बताए जाने के बाद प्रशासन ने इन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को इस दिशा में ठोस और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
आधिकारिक जानकारी
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अवैध संरचना का पहले सर्वे कराया गया था। भूमि और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एमडीडीए की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। निर्धारित समय में वैध दस्तावेज प्रस्तुत न होने पर संरचना को हटाया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।
कार्रवाई के दौरान व्यवस्था
बुलडोजर कार्रवाई के समय नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार सहित पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आंकड़े / तथ्य
राज्य सरकार के अनुसार अब तक पूरे उत्तराखंड में करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। इसके साथ ही सरकारी भूमि पर बनी 573 अवैध मजारें हटाई जा चुकी हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटना चाहिए, ताकि सार्वजनिक स्थलों का सही उपयोग हो सके। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कार्रवाई पारदर्शी तरीके से और कानून के दायरे में होनी चाहिए।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में चिन्हित अन्य अवैध संरचनाओं पर भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरे राज्य में निरंतर जारी रहेगा।





