
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस और विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्हें अंकिता को न्याय दिलाने से कोई सरोकार नहीं है, बल्कि वे इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाकर अपना अस्तित्व बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने मजबूत पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाई, इसके बावजूद विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए अफवाहें और आरोप गढ़ रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। हाल के दिनों में देहरादून समेत कई स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के दौरान राजनीतिक दलों के झंडे और नारे सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में भाजपा नेतृत्व ने विपक्ष पर सवाल खड़े किए हैं।
आधिकारिक जानकारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में लहराए जा रहे राजनीतिक झंडे और भाषण यह स्पष्ट करते हैं कि विपक्ष और 2027 की नई राजनीतिक महत्वाकांक्षा पाले लोग इस संवेदनशील मुद्दे को चुनावी एजेंडा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को जांच या न्यायिक प्रक्रिया में कोई कमी दिखती है तो वह न्यायालय में तथ्यों के साथ अपनी बात रख सकता है।
विरोध प्रदर्शनों पर भाजपा की आपत्ति
महेंद्र भट्ट ने कहा कि देहरादून और अन्य स्थानों पर विरोध के नाम पर जिस तरह की अराजकता फैलाई गई, वह राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों पर बच्चों को दोषी ठहराने वाले बयानों से जुड़ी राजनीति का समर्थन करने वाले नेता भी इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे विपक्ष की नीयत उजागर होती है। इस संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव का नाम भी लिया।
वीआईपी एंगल पर भाजपा का पक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कथित वीआईपी एंगल को लेकर जांच एजेंसियां और न्यायालय पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उनके अनुसार, रिसॉर्ट तोड़े जाने से किसी प्रकार के सबूत नष्ट नहीं हुए थे, बल्कि एसआईटी ने सावधानीपूर्वक सभी साक्ष्य एकत्र किए, जो दोषियों को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
भाजपा नेताओं और समर्थकों का कहना है कि विपक्ष बार-बार नए नाम उछालकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उनका मानना है कि न्यायालय में स्थिति स्पष्ट होने के बाद जनता की अदालत में भी विपक्ष को स्वीकार्यता नहीं मिली है।
आगे क्या होगा
भाजपा का कहना है कि वह इस मुद्दे पर किसी भी तरह की अफवाह या साजिश को सफल नहीं होने देगी। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा रखते हुए राज्य का माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।







