
देहरादून: प्रदेश की ग्राम पंचायतों में परिवार रजिस्टर से जुड़ी नियमावली के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। पंचायतीराज विभाग की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मिलीभगत के चलते परिवार रजिस्टर में बिना नियमों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अन्य राज्यों से आकर किराए पर रहने वाले लोग भी परिवार रजिस्टर में नाम जुड़वाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इन अनियमितताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने परिवार रजिस्टरों की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे ग्रामीण प्रशासन और योजनाओं की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायत स्तर पर निवास और पहचान का एक अहम दस्तावेज माना जाता है। इसी के आधार पर कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। पिछले वर्ष परिवार रजिस्टर में नाम जोड़ने के लिए आवेदनों की संख्या अचानक बढ़ी और बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त भी किए गए। इसी दौरान फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए नाम दर्ज होने की आशंका सामने आई, जिसके बाद विभागीय स्तर पर पड़ताल शुरू हुई।
आधिकारिक जानकारी
पंचायतीराज विभाग के सूत्रों के अनुसार जांच में यह पाया गया कि कई ग्राम पंचायतों में परिवार रजिस्टर पर पृष्ठ संख्या तक अंकित नहीं है। कुछ रजिस्टरों में नाम अलग कागजों पर लिखकर चिपकाए गए हैं और कई मामलों में सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं कराए गए। पंचायतीराज विभाग का कहना है कि इन गंभीर खामियों को देखते हुए परिवार रजिस्टर की जांच और नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार रजिस्टर में अनियमित नाम दर्ज होने से वास्तविक ग्रामीण परिवारों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां न हों।
नियमों में खामी और दुरुपयोग
नियमावली के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी रूप से निवास कर रहे प्रत्येक परिवार का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज होना अनिवार्य है। नाम दर्ज करने का अधिकार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को है, जबकि अपील का अधिकार उपजिलाधिकारी के पास होता है। हालांकि, स्थायी निवास की स्पष्ट परिभाषा न होने का फायदा उठाकर मनमाने ढंग से नाम दर्ज किए जा रहे हैं। इसी कमजोरी के चलते बाहरी लोग आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
आगे क्या होगा
सरकार अब परिवार रजिस्टर से संबंधित मौजूदा नियमावली में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसके तहत निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर काम किया जाएगा। विभागीय जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।





