
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के चर्चित पेपर लीक कांड में जेल में बंद मास्टरमाइंड मो. खालिद के खिलाफ एक और गंभीर मामला सामने आया है। सीबीआई की सिफारिश पर मंगलवार को देहरादून के रायपुर थाने में उसके विरुद्ध नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि खालिद ने केवल प्रश्नपत्र लीक ही नहीं किया, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के बुनियादी नियमों को भी तोड़ते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षाओं में हिस्सा लिया। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इससे सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सीधे सवाल खड़े होते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद राज्य में बड़े स्तर पर विरोध हुआ था। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र से बाहर भेजे गए, जिसके बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई।
आधिकारिक जानकारी
सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपी ने दो अलग-अलग भर्तियों—स्नातक स्तरीय परीक्षा और सहकारी निरीक्षक—के लिए कुल नौ अलग-अलग आवेदन भरे थे। हर आवेदन में उसने अपनी शैक्षिक योग्यता, मोबाइल नंबर और फोटो तक बदलकर प्रस्तुत की। सहकारी निरीक्षक पद के लिए आवश्यक विशेष विषयों में स्नातक योग्यता वह पूरी नहीं करता था, इसके बावजूद अलग-अलग विश्वविद्यालयों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल हुआ।
विश्वविद्यालयों से सत्यापन में पुष्टि हुई कि जिन संस्थानों का छात्र होने का दावा किया गया था, वह कभी वहां पढ़ा ही नहीं था। इसके बाद आयोग ने सीबीआई को विस्तृत जानकारी दी, जिसके आधार पर रायपुर पुलिस में मामला दर्ज किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे खुलासों से यह साफ होता है कि भर्ती प्रणाली में सख्त निगरानी की जरूरत है।
कई युवाओं ने उम्मीद जताई है कि कड़ी कार्रवाई से भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
संख्यात्मक विवरण
जांच के अनुसार आरोपी ने 9 आवेदन अलग-अलग पहचान विवरण के साथ दाखिल किए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कम से कम 2 भर्तियों में शामिल होने का प्रयास किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता और उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 की सख्त धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
आगे क्या होगा
एफआईआर दर्ज होने के बाद रायपुर पुलिस न्यायिक हिरासत में खालिद से पूछताछ कर सकती है। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







