
देहरादून जिले के कालसी क्षेत्र के बमराड़ गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक और संदिग्ध घटना सामने आई। कमरे में सो रही दो महिलाओं की अचानक हालत बिगड़ गई, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला को गंभीर अवस्था में देहरादून रेफर किया गया है। प्रारंभिक तौर पर कमरे में रखी रसोई गैस के रिसाव से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कालसी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सर्दियों के दौरान बंद कमरों में गैस रिसाव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में समय पर वेंटिलेशन न होने से जान का खतरा बढ़ जाता है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी सदानंद की दो पत्नियां, 80 वर्षीय तुलसा देवी और कमला देवी, रविवार रात कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मकान के दूसरे कमरे में सो रहे पुत्र अनिल जोशी रात में बाहर निकले तो कमरे से टीवी की आवाज आने पर उन्हें शक हुआ। अंदर झांककर देखा तो दोनों महिलाएं बेहोशी की हालत में पड़ी थीं।
तत्काल मदद और अस्पताल
परिवार और ग्रामीणों की मदद से दोनों महिलाओं को उपचार के लिए सीएचसी साहिया ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने तुलसा देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि कमला देवी की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च उपचार के लिए देहरादून रेफर कर दिया गया।
आधिकारिक जानकारी
नायब तहसीलदार ने बताया कि मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कमरे में रखी रसोई गैस के रिसाव से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। घटना के संबंध में विशेष रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्दियों में बंद कमरों में गैस उपकरणों का उपयोग बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। आवश्यक होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






