
चंपावत: चंपावत जिले के बनबसा स्थित भारत–नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने नशा तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए एक नेपाली युवक को स्मैक की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पूर्व सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 14.42 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग साढ़े चार लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी युवक स्मैक को भारत से नेपाल ले जाने की फिराक में था, जिसे सीमा क्षेत्र से पकड़कर बनबसा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र लंबे समय से नशा तस्करों के निशाने पर रहा है। सीमावर्ती इलाकों का दुरुपयोग कर मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिशें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बेहद अहम मानी जाती है।
आधिकारिक जानकारी
भारत–नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल की 57वीं वाहिनी के जवानों ने ग्राम भैसाभोज के पास विशेष अभियान चलाया। सीमा चौकी गरिगोठ की टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को नेपाल सीमा पार करने के प्रयास के दौरान रोका और तलाशी लेने पर उसके पास से 14.42 ग्राम स्मैक बरामद की।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पारस चंद, पुत्र उद्धव चंद, उम्र 25 वर्ष, निवासी नेपाल बताया। आरोपी ने कबूल किया कि वह स्मैक को बनबसा से नेपाल के महेंद्रनगर ले जा रहा था और इसके बदले उसे 5 हजार रुपये मिलने थे।
पुलिस की कार्रवाई
एसएसबी द्वारा कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को बरामद मादक पदार्थ समेत बनबसा थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बरामद स्मैक की कीमत 4 लाख 32 हजार 600 रुपये आंकी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में नशा तस्करी की घटनाएं युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल और पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे अभियानों से तस्करों पर अंकुश लगेगा।
आगे क्या होगा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था। एसएसबी ने भी साफ किया है कि भारत–नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए गश्त और खुफिया निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।






