
रामनगर: यदि आप भविष्य में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कॉर्बेट सफारी के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें बेंगलुरु से आए एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर से करीब डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। ढिकाला जोन सफारी की फर्जी बुकिंग और परमिट के सहारे पर्यटक को भ्रमित किया गया। पीड़ित की शिकायत पर रामनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि पर्यटन सीजन में फर्जी वेबसाइट और टूर ऑपरेटर सक्रिय हो जाते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां सफारी के लिए आते हैं। बढ़ती मांग के बीच फर्जी वेबसाइटों और कथित टूर ऑपरेटरों द्वारा ठगी की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर एस. प्रशांत पुत्र शंकर मूर्ति, निवासी बेंगलुरु ने रामनगर पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वे अपनी महिला मित्र के साथ ढिकाला जोन में सफारी के लिए आए थे। पूरी बुकिंग फरमान नामक व्यक्ति ने कराई। फरमान के कहने पर वे 23 दिसंबर की रात दिल्ली पहुंचे, जहां होटल का किराया स्वयं चुकाया। इसके बाद 24 दिसंबर को टैक्सी से रामनगर पहुंचे और 25 दिसंबर की सुबह सफारी के लिए होटल में रुके।
क्या हुआ ठगी का तरीका
पीड़ित के अनुसार, सफारी के दिन फरमान ने जिप्सी भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन दोपहर तक कोई वाहन नहीं आया। बाद में फरमान ने आकर बताया कि सफारी रद्द हो गई है। जब 26 दिसंबर की सफारी के बारे में पूछा गया तो उसने साफ मना कर दिया। संदेह होने पर जब परमिट की जांच कराई गई, तो वह फर्जी निकला।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कॉर्बेट की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उनका कहना है कि पर्यटकों को केवल आधिकारिक वेबसाइट और पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही बुकिंग करनी चाहिए।
आंकड़े / तथ्य
पीड़ित का आरोप है कि फरमान ने फरवरी में नागपुर स्थित पेंच टाइगर रिजर्व के लिए भी 22 हजार रुपये एडवांस ले रखे हैं। दिल्ली से रामनगर तक आने-जाने, होटल, टैक्सी और अन्य खर्चों को मिलाकर कुल नुकसान लगभग 1.50 लाख रुपये बताया गया है। इसके साथ ही मानसिक तनाव और समय की भी क्षति हुई है।
वन विभाग और पुलिस का पक्ष
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने कहा कि फर्जी वेबसाइटों और टूर ऑपरेटरों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है और इस मामले में भी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल और अधिकृत एजेंसियों से ही कराएं।







