
हरिद्वार: लक्सर कोतवाली क्षेत्र में फ्लाईओवर पर पेशी के लिए ले जाए जा रहे बदमाश विनय त्यागी पर दो बदमाशों ने गोली चला दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में पेशी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी हरिद्वार ने एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। वहीं, सूझबूझ दिखाकर घायल की जान बचाने वाले एक पुलिसकर्मी और वाहन चालक को इनाम देने की घोषणा की गई है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें कैदी सुरक्षा और पेशी व्यवस्था की गंभीर चूक उजागर हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बुधवार को लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय फ्लाईओवर पर हुई फायरिंग ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कैदी सुरक्षा में थोड़ी सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है, जिसका उदाहरण यह घटना बनी। हरिद्वार पुलिस ने घटना के तुरंत बाद जिलेभर में नाकेबंदी कर जांच तेज की।
आधिकारिक जानकारी
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पेशी ड्यूटी में लापरवाही सामने आई है, जिस पर एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। साथ ही, मौके पर तत्परता दिखाकर घायल विनय त्यागी को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने वाले एक पुलिसकर्मी और वाहन चालक की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की गई है।
पुलिस को मिली सफलता
पुलिस ने गुरुवार शाम खानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान सन्नी यादव उर्फ शेरा और अजय के रूप में हुई है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हार्डकोर अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े फ्लाईओवर पर हुई फायरिंग से आमजन में दहशत फैली। लोगों ने पेशी के दौरान कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस सतर्कता बढ़ाने की मांग की है।
विनय त्यागी से पुरानी रंजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सन्नी उर्फ शेरा पहले विनय त्यागी की गैंग में काम करता था। बाद में पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों में दुश्मनी हो गई। इसी रंजिश के चलते सन्नी ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया।
आंकड़े / तथ्य
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थीं और सुरक्षा के मद्देनज़र तीन प्लाटून पीएसी भी तैनात की गई थी। घटना के बाद आरोपी बाइक छोड़कर पैदल फरार हो गए थे, जिससे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
आगे क्या होगा
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फायरिंग के पीछे के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी ने वारदात में मदद की है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, पेशी ड्यूटी और कैदी सुरक्षा की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।





