
अल्मोड़ा जनपद के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार सुबह रानीखेत में मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चाय पर चर्चा करते हुए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को लेकर आमजन से फीडबैक लिया। स्थानीय लोगों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दौरों के दौरान आमजन से सीधे संवाद के लिए मॉर्निंग वॉक और अनौपचारिक मुलाकातों को प्राथमिकता देते रहे हैं। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का ज़मीनी फीडबैक लेना और जनता की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना है। अल्मोड़ा दौरे के दौरान भी इसी पहल की झलक देखने को मिली।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता लगातार मजबूत हो रही है। सरकार आमजन से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझ रही है और समाधान को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का इस तरह सीधे संवाद करना सकारात्मक पहल है। लोगों ने बताया कि इससे प्रशासन तक उनकी आवाज़ जल्दी पहुंचती है और समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ती है।
पर्यटकों से भी किया संवाद
मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली से आए पर्यटकों से भी बातचीत की और उनके शीतकालीन यात्रा अनुभवों की जानकारी ली। पर्यटकों ने अल्मोड़ा और रानीखेत की प्राकृतिक सुंदरता, शांति और व्यवस्थाओं की सराहना की, जिसे मुख्यमंत्री ने उत्साहवर्धक बताया।
विकास कार्यों की घोषणाएं
दो दिवसीय अल्मोड़ा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जिले के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम अल्मोड़ा में खिलाड़ियों के लिए 50 बेड क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा–पौड़ी–रुद्रप्रयाग सड़क और 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा–बागेश्वर सड़क चौड़ीकरण कार्य को स्वीकृति दी गई, जिससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा।
आगे क्या होगा
सरकार का कहना है कि इन विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से अल्मोड़ा जनपद में खेल, पर्यटन और सड़क कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनसंवाद के माध्यम से मिली प्रतिक्रियाएं भविष्य की नीतियों और योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगी।







