
नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई युवक नाजिम अली की गोली मारकर हत्या के मामले में करीब पांच साल बाद अदालत का फैसला आ गया है। जिला न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने यह भी माना कि अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की एक मजबूत और पूर्ण कड़ी पेश की, जिसके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिजनों के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अभियोजन के अनुसार, 2 जनवरी 2020 को अमरीन जहां नाजिम अली को भीमताल घुमाने के बहाने अपने साथ ले गई थी। काठगोदाम–भीमताल रोड पर स्थित हेयरपिन बैंड के पास पहले से मौजूद राधेश्याम शुक्ला ने 315 बोर के तमंचे से नाजिम को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल नाजिम को बृजलाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
आधिकारिक जानकारी
घटना के बाद थाना भीमताल में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यह स्थापित किया कि घटना के समय दोनों आरोपी मौके पर मौजूद थे। बरामद तमंचे से चला खोखा कारतूस और राधेश्याम शुक्ला के कपड़ों पर मिला खून मृतक से मेल खा गया, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत हुआ।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने लंबे समय तक इलाके में डर का माहौल बनाए रखा था। उनका मानना है कि अदालत का यह फैसला न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करता है और ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देता है।
आंकड़े / तथ्य
हत्या के बाद अमरीन जहां ने मृतक नाजिम अली के मोबाइल से उसके भाई वाजिद अली को कॉल कर हादसे की झूठी जानकारी दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि अमरीन और नाजिम के बीच पहले प्रेम संबंध थे, लेकिन नाजिम की दूसरी शादी और आर्थिक मदद बंद होने के बाद अमरीन नाराज थी। इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
आगे क्या होगा
दोष सिद्ध होने के बाद दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अब आगे की प्रक्रिया के तहत उन्हें जेल भेजा जाएगा, जबकि अर्थदंड की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।






