
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा किनारे प्रस्तावित क्रिसमस कार्यक्रम को लेकर विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद आयोजन रद्द कर दिया गया। यह कार्यक्रम 24 दिसंबर को गंगा तट स्थित उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल भागीरथी में प्रस्तावित था। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का निमंत्रण सामने आते ही तीर्थ पुरोहितों ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं के विपरीत बताया। विरोध के बाद प्रबंधन ने कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार गंगा तट और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां होने वाले आयोजनों को लेकर धार्मिक संवेदनशीलता बनी रहती है। 24 दिसंबर को ‘एक्सपीरियंस क्रिसमस’ कार्यक्रम की जानकारी सामने आने के बाद इस पर आपत्तियां उठीं, खासकर आयोजन स्थल को लेकर।
आधिकारिक जानकारी
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने गंगा तट पर इस तरह के कार्यक्रम पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि गंगा की भूमि पर ऐसे कार्यक्रम स्वीकार्य नहीं हैं और यदि आयोजन रद्द नहीं किया गया तो उग्र विरोध किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से भी ऐसी गतिविधियों की अनुमति न देने की मांग की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा तट पर होने वाले कार्यक्रमों में धार्मिक परंपराओं और भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
राजनीतिक संदर्भ
उज्जवल पंडित ने कहा कि जिस प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री हैं, वहां सनातन परंपराओं के अनुरूप निर्णय अपेक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
संख्या / तथ्य
कार्यक्रम 24 दिसंबर को प्रस्तावित था। सोशल मीडिया पर निमंत्रण वायरल होने के बाद विरोध सामने आया और उसी दिन प्रबंधन ने आयोजन रद्द करने का फैसला किया।
आगे क्या होगा
होटल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी कार्यक्रम से पहले स्थानीय भावनाओं और धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाएगा।





