
देहरादून: क्रिसमस से लेकर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत के दौरान होने वाले जश्न का असर वन एवं वन्यजीवों पर न पड़े, इसके लिए उत्तराखंड वन विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे क्षेत्रों में विशेष चौकसी के निर्देश दिए गए हैं। जंगलों में ड्रोन से निगरानी, अंतर-प्रभागीय सघन गश्त और 7 जनवरी तक फील्ड कर्मियों की सीमित छुट्टियों जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि पर्यटन सीजन में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड अपनी समृद्ध वन एवं वन्यजीव विविधता के लिए जाना जाता है। हर वर्ष क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में सैलानी राज्य के पर्यटन स्थलों और जंगलों से सटे क्षेत्रों में पहुंचते हैं। इस दौरान संरक्षित और आरक्षित वनों के आसपास स्थित होटल–रिसॉर्ट्स लगभग पूरी तरह बुक हो जाते हैं। जश्न की गतिविधियों से वन्यजीवन में संभावित खलल को देखते हुए विभाग ने संवेदनशील समय में सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग के मुखिया, प्रमुख वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक आर. के. मिश्र ने राज्यभर में हाई अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन समेत आधुनिक तकनीक से निगरानी की जाएगी। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ चीन और नेपाल से सटी सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर दोनों राज्यों के कार्मिक संयुक्त रूप से सघन गश्त करेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
जंगलों से सटे क्षेत्रों के ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ी हुई गश्त और निगरानी से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। होटल–रिसॉर्ट संचालकों ने भी बताया कि विभाग की एडवाइजरी के अनुरूप वे शोर और रोशनी पर नियंत्रण रखेंगे।
दिए गए निर्देश
- अपरिहार्य परिस्थिति में ही फील्ड कर्मियों को छुट्टी मिलेगी, 7 जनवरी तक ड्यूटी प्राथमिकता रहेगी।
- जंगलों और सीमाओं पर ड्रोन व अन्य तकनीकी साधनों से निगरानी।
- सभी वन क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग और अंतर-प्रभागीय सघन गश्त।
- स्थानीय ग्रामीणों से निरंतर संवाद कर आसूचना तंत्र को मजबूत करना।
सैलानियों के लिए एडवाइजरी
- सुबह–शाम वन सीमा के आसपास न जाएं।
- जंगल से लगे क्षेत्रों में वाहन पार्क न करें।
- जश्न के दौरान तेज रोशनी और शोरगुल से बचें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना नजदीकी वन चौकी को दें।
साइलेंट जोन और शोर मानक
राज्य में कॉर्बेट नेशनल पार्क और राजाजी नेशनल पार्क सहित सभी संरक्षित क्षेत्रों की 500 मीटर परिधि को साइलेंट जोन घोषित किया गया है। एसओपी के अनुसार यहां शोर का स्तर 40 डेसिबल से कम होना चाहिए। साइलेंट जोन में स्थित होटल–रिसॉर्ट्स में जश्न के दौरान शोर मानकों की जांच के लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और पीसीबी की संयुक्त टीमें औचक निरीक्षण करेंगी।
आगे क्या होगा
हाई अलर्ट अवधि में वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी और गश्त पर रहेंगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विभाग का फोकस है कि पर्यटन उत्सव सुरक्षित तरीके से मनाया जाए और वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित रहे।







