
देहरादून: राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सालय दून अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज तो होता है, लेकिन यहां चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बीते पांच महीनों में अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मारपीट व झगड़े की करीब सात घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालिया घटना मंगलवार रात इमरजेंसी में एक चिकित्सक के साथ हुई मारपीट की है, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजाना हजारों मरीजों की आवाजाही के बीच स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी बताए जा रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून अस्पताल प्रदेश का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़, सीमित संसाधन और इलाज को लेकर तनावपूर्ण माहौल के बीच विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल के महीनों में बार-बार सामने आई हिंसक घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां मौजूद हैं।
आधिकारिक जानकारी
दून अस्पताल में विभिन्न संवर्गों में करीब पांच हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें चिकित्सक, पीजी डॉक्टर, इंटर्न और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। प्रतिदिन ओपीडी और इमरजेंसी में लगभग ढाई हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में कुल लगभग 100 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जबकि दून पुलिस चौकी में अक्सर एक-दो पुलिसकर्मी ही मौजूद रहते हैं और कई बार चौकी खाली भी रहती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि बार-बार हो रही घटनाओं से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि इलाज में जरा सी देरी पर तीमारदारों का आक्रोश हिंसा में बदल जाता है, जबकि मौके पर पुलिस की मौजूदगी न के बराबर रहती है।
संख्या / आंकड़े
पिछले 5 महीनों में मारपीट व झगड़े की करीब 7 घटनाएं सामने आई हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 2500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
हालिया एक मामले में 25 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अस्पताल में स्थायी पुलिस तैनाती, इमरजेंसी में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाना जरूरी है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि चिकित्सक और मरीज दोनों सुरक्षित माहौल में इलाज कर सकें।






