
रुड़की: हरिद्वार जिले की मंगलौर कोतवाली पुलिस ने पॉक्सो और अपहरण के मामले में एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपने इलाके में यह अफवाह फैला रखी थी कि वह दुबई में नौकरी कर रहा है, जबकि वास्तव में वह हैदराबाद में रह रहा था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सतत निगरानी के जरिए पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने नाबालिग किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मंगलौर कोतवाली में 2 दिसंबर 2024 को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गांव का ही रहने वाला मोहम्मद अब्बास नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पॉक्सो अधिनियम और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार नामजद आरोपी मोहम्मद अब्बास शातिर किस्म का अपराधी है। उसने पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से अपने परिजनों के माध्यम से यह प्रचारित कराया कि वह नौकरी के सिलसिले में दुबई जा रहा है और देहरादून से फ्लाइट पकड़कर बाहर निकल गया है। इसी दावे के चलते लंबे समय तक पुलिस को उसकी सही लोकेशन नहीं मिल सकी।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
मामला पॉक्सो अधिनियम से जुड़ा होने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी और अपहृता की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता थी। हरिद्वार एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिला कि आरोपी हैदराबाद में रह रहा है। इसके बाद टीम ने वहां निगरानी रखी और जैसे ही आरोपी के मंगलौर लौटने की जानकारी मिली, 17 दिसंबर 2025 को तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। लोगों ने पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की सराहना की है, खासकर नाबालिग की सकुशल बरामदगी को अहम उपलब्धि बताया है।
आगे क्या होगा
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बरामद किशोरी को नियमानुसार आवश्यक संरक्षण और चिकित्सकीय प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।






