
चमोली (गौचर): उत्तराखंड एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन का दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन जनपद चमोली के ऐतिहासिक मैदान गौचर के मेला मंच पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिवेशन में प्रदेश के 13 जनपदों से आए 1574 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान विद्यालयों के विकास, छात्रों की शैक्षिक प्रगति, उनके सर्वांगीण उत्थान और संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिवेशन के साथ-साथ प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव भी कराए गए, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पदों पर नई टीम का चयन हुआ।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शिक्षकों के संगठनात्मक मंचों के जरिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श लंबे समय से होता रहा है। एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन का यह अधिवेशन भी इसी कड़ी में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाना रहा। गौचर जैसे ऐतिहासिक स्थल पर अधिवेशन का आयोजन शिक्षकों के लिए विशेष महत्व रखता है।
आधिकारिक जानकारी
प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में थे। पोड़ी जनपद के जगदीश राठी को 556 मत प्राप्त हुए और वे अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। उपाध्यक्ष पद पर भुवनेश्वरी चन्दानी को 761 मत मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। महामंत्री पद पर सुरेश चंद्र को 474 मत प्राप्त हुए, जबकि कोषाध्यक्ष पद पर महेंद्र सैलानी 402 मतों के साथ निर्वाचित हुए।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष पद पर 44, उपाध्यक्ष पद पर 120, महामंत्री पद पर 84 और कोषाध्यक्ष पद पर 158 मत निरस्त किए गए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अधिवेशन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से संगठनात्मक एकजुटता बढ़ती है और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का मंच मिलता है।
स्थानीय शिक्षकों ने बताया कि नई कार्यकारिणी से विद्यालयों और छात्रों से जुड़े मामलों में सकारात्मक पहल की उम्मीद है।
अधिवेशन का शुभारंभ और उपस्थित अतिथि
दो दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथियों में सेवा निवृत्त अपर निदेशक शिक्षा उत्तराखंड रघुनाथ आर्य, मदन शिल्पकार, एससी-एसटी एसोसिएशन जनपद चमोली के जिलाध्यक्ष गिरीश लाल आर्य और सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य मनवर लाल भारती उपस्थित रहे।
आंकड़े / तथ्य
अधिवेशन में 13 जनपदों से 1574 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
अध्यक्ष पद पर 556, उपाध्यक्ष पद पर 761, महामंत्री पद पर 474 और कोषाध्यक्ष पद पर 402 मतों से विजयी उम्मीदवार चुने गए।
आगे क्या?
नई प्रांतीय कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठन द्वारा विद्यालयों के विकास, शिक्षकों की समस्याओं और छात्रों की शैक्षिक उन्नति को लेकर आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संगठन ने प्रदेश स्तर पर सक्रिय संवाद और समन्वय को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।





