
देहरादून: क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला से एनपीसीआई का अधिकारी बनकर एक ठग ने करीब 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता भारुवाला निवासी शबाना (37) हैं, जिनकी शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी की यह वारदात 27 नवंबर को हुई, जब महिला ने गलती से गलत क्यूआर कोड पर राशि ट्रांसफर कर दी थी। रिफंड के लिए की गई ऑनलाइन खोज उनके लिए भारी पड़ गई और ठग ने तकनीकी चालाकी से उनके खाते से बड़ी रकम निकाल ली। यह मामला आम लोगों के लिए साइबर सतर्कता का बड़ा संदेश देता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पीड़िता के अनुसार 27 नवंबर को उन्होंने गलती से गलत क्यूआर कोड पर 6,200 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। राशि वापस पाने के लिए उन्होंने गूगल पर एनपीसीआई की वेबसाइट सर्च की। इसी दौरान उन्हें एनपीसीआई नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट मिली, जिस पर गगन शर्मा नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज था। यहीं से ठगी की शुरुआत हुई।
प्रशासनिक पक्ष
कॉल करने पर आरोपी ने खुद को एनपीसीआई का अधिकारी बताया और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन शेयर करने को कहा। इसके बाद उसने पीड़िता से बैंक और एप से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर क्राइम टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिफंड और ऑनलाइन शिकायत के नाम पर इस तरह की ठगी लगातार बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि साइबर फ्रॉड को लेकर जागरूकता अभियान और तेज किए जाएं, ताकि आम नागरिक इस तरह के जाल में न फंसें।
आंकड़े / विवरण
पीड़िता से ठग ने फोन-पे एप के माध्यम से 90,277 रुपये की राशि ट्रांसफर कर ली। ठग ने महिला से “अकाउंट टू सेल्फ” विकल्प में मोबाइल नंबर के शुरुआती पांच अंक डालने और पिन दर्ज करने को कहा, जिसे पीड़िता ने रिफंड प्रक्रिया समझ लिया।
आगे क्या होगा
पुलिस और साइबर क्राइम टीम फर्जी वेबसाइट, मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, स्क्रीन शेयर या पिन साझा करने से बचें।






