
देहरादून: नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नया पैदल पुल जल्द बनाया जाएगा। वहीं उत्तरकाशी जिले के सीमांत गांव जादूंग में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत फेस्टिव ग्राउंड भी जल्द अस्तित्व में आएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान इन कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कैंचीधाम, जागेश्वर और महासू देवता जैसे स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इन स्थलों में विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव के निर्देश
शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कैंचीधाम और जादूंग में चल रहे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि निर्माण कार्यों में कोई देरी न हो।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि परियोजनाओं की शुरुआत से लेकर प्रत्येक चरण की समाप्ति तिथि का एक विस्तृत चार्ट बनाया जाए, जिससे मॉनिटरिंग सुचारू रूप से हो सके।
जागेश्वर, कैंचीधाम, महासू देवता व अन्य स्थलों में ₹228 करोड़ के कार्य
बैठक में जागेश्वर धाम, कैंचीधाम, महासू देवता, जादूंग, माणा, नीती और टिम्मरसैंण महादेव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि कुल 228 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर अवसंरचना और सुविधाओं का विस्तार करना है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कैंचीधाम में बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए पैदल पुल का निर्माण बेहद आवश्यक है। वहीं जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड बनने से सीमांत क्षेत्र में सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण पर जोर
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी का प्रमुख कारण अक्सर भूमि संबंधी बाधाएं होती हैं, जिन्हें समय रहते दूर किया जाना चाहिए।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
समीक्षा बैठक में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आगे क्या?
सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विकास का कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो। कैंचीधाम में पैदल पुल और जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड अगले चरण की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल हैं। आने वाले महीनों में इन स्थलों पर गतिविधियां तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।






