
देहरादून: उत्तराखंड में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षक भर्ती के अर्हता नियमों में संशोधन किए जाने के बाद चयन आयोग ने आवेदन प्रक्रिया दोबारा खोल दी है। अब आरसीआई के डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) विशेष शिक्षा धारक भी 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अवसर केवल डीएलएड अभ्यर्थियों को मिलता था, लेकिन योग्यता मानकों में बदलाव के बाद आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन और संशोधन का नया मौका दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 12 सितंबर को विशेष शिक्षा शिक्षकों के 128 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। आवेदन 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक लिए गए थे और दस से बारह अक्टूबर तक सुधार का अवसर दिया गया था। इसी बीच सरकार ने विशेष शिक्षक पदों के लिए योग्यता मानकों में बदलाव करते हुए डीएड विशेष शिक्षा को भी मान्य कर दिया। इससे कई अभ्यर्थियों को पात्रता मिली, जिसके बाद आयोग को आवेदन विंडो दोबारा खोलने का निर्णय लेना पड़ा।
आधिकारिक जानकारी
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने कहा कि अर्हता में संशोधन होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को फिर से खोला जा रहा है। नए आवेदन जमा किए जा सकेंगे, जबकि पहले से आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अपने विवरण संशोधित कर सकते हैं। संशोधन के लिए अलग शुल्क देना होगा। यह भी बताया गया कि नई अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है और इसके बाद सभी आवेदन संकलित करके अगले चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभ्यर्थियों ने इस बदलाव को राहतभरा कदम बताया। कई उम्मीदवारों का कहना है कि अर्हता सीमित होने की वजह से पहले आवेदन नहीं कर सके थे, लेकिन अब योग्यता संशोधित होने से उन्हें भी प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिल गया है। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि आवेदन विंडो को दोबारा खोलना निष्पक्षता और पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है।
समूह-ग भर्ती प्रक्रिया
आयोग ने विभिन्न विभागों में समूह-ग के 57 पदों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। इन पदों के लिए अंतिम तिथि 30 दिसंबर रखी गई है। तीन से पांच जनवरी के बीच अभ्यर्थी अपने आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। समूह-ग की लिखित परीक्षा नौ मार्च से प्रारंभ होने का प्रस्ताव है।
आगे क्या?
दोनों भर्ती प्रक्रियाओं में आवेदन पूरा होने के बाद आयोग दस्तावेज़ सत्यापन और परीक्षा तिथि निर्धारण पर आगे बढ़ेगा। विशेष शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की तिथि जल्द ही घोषित की जा सकती है। आयोग का कहना है कि बदली हुई अर्हता के कारण अधिक अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा और इससे चयन प्रक्रिया और व्यापक हो जाएगी।





