
देहरादून। दून रेलवे स्टेशन पर इंटरलाकिंग और दून–हरिद्वार के बीच ट्रैक व पुलों की मरम्मत कार्य के कारण तीन दिन तक बाधित रहा रेल संचालन गुरुवार सुबह से दोबारा सुचारु हो गया। निर्माण कार्य के चलते कई ट्रेनों को हरिद्वार, सहारनपुर, देवबंद और नजीबाबाद से संचालित किया जा रहा था, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई थी। मरम्मत पूरी होने के बाद अब सभी ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय व मार्ग पर चलने लगी हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून रेलवे स्टेशन पर बीते कई महीनों से इंजन रखरखाव और संरचनात्मक सुधार कार्य जारी थे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण लोकोशेड इंटरलाकिंग और दून–हरिद्वार रूट पर पुलों की मरम्मत शेष थी। रेलवे ने सात से 10 दिसंबर तक स्टेशन पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर आवश्यक निर्माण कार्य पूर्ण किया। इस दौरान यात्रियों को हरिद्वार और नजीबाबाद जैसे वैकल्पिक स्टेशनों से यात्रा करनी पड़ी।
आधिकारिक जानकारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दून–हरिद्वार सेक्शन में डोईवाला, करीवाला–देहरादून, मोतीचूर–राववाला, हरिद्वार–मोतीचूर और डंडेर–इकचाल सहित 20 पुलों की मरम्मत की गई। सात और आठ दिसंबर को लोकोशेड इंटरलाकिंग कार्य पूरा किया गया, जिसके बाद स्टेशन के सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह से रेल संचालन पूरी तरह सामान्य हो गया है और सभी ट्रेनें अब दून स्टेशन से ही संचालित होंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से ट्रेनों के स्थान बदलने और देरी से यात्रा में भारी असुविधा हो रही थी। स्थानीय व्यापारियों ने भी बताया कि स्टेशन के सुचारु होने से शहर की गतिविधियां फिर सामान्य होंगी।
आंकड़े / तथ्य
ट्रेन संचालन बंद रहने के दौरान कई प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहीं।
देहरादून–अमृतसर एक्सप्रेस, देहरादून–सहारनपुर एक्सप्रेस और हावड़ा–ऋषिकेश एक्सप्रेस बुधवार तक नहीं चलीं।
शताब्दी एक्सप्रेस के समय में भी परिवर्तन किया गया और जनशताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से भेजी गई।
कई ट्रेनें जैसे वंदे भारत, मसूरी एक्सप्रेस और कोटा एक्सप्रेस को हरिद्वार से संचालित किया गया।
काठगोदाम–दून जनशताब्दी नजीबाबाद से, जबकि काठगोदाम–दून एक्सप्रेस लक्सर से चलाई गई।
आगे क्या?
रेलवे विभाग का कहना है कि मरम्मत और इंटरलाकिंग कार्य पूरा होने के बाद दून स्टेशन का संचालन पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। यात्रियों को अब नियमित समय पर ट्रेनें उपलब्ध होंगी। आने वाले महीनों में स्टेशन के कुछ और सुधार कार्य भी प्रस्तावित हैं, ताकि बढ़ते रेल ट्रैफिक को बेहतर ढंग से संभाला जा सके।






