
कोटद्वार। शहर में लावारिस गोवंश के आतंक का सिलसिला थम नहीं रहा है। देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार शाम को एक लावारिस सांड के हमले में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद नैथानी (65 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर देहरादून रेफर किया गया।
अचानक हमला, गंभीर रूप से घायल हुए पूर्व प्रधानाचार्य
जानकारी के अनुसार, बालासौड़ निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद नैथानी रविवार देर शाम करीब सात बजे देवी मंदिर क्षेत्र में टहलने गए थे। इसी दौरान एक लावारिस सांड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वे सड़क किनारे गिर पड़े और गंभीर चोटें आईं।
आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया और परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें तुरंत बेस अस्पताल कोटद्वार ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून हायर सेंटर रेफर कर दिया।
किसान नेता ने की कार्रवाई की मांग
किसान नेता पातीराम ध्यानी ने बताया कि शहर में निराश्रित गोवंश लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि —
“नगर निगम और प्रशासन को सड़कों व गलियों में घूमने वाले आवारा सांडों को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अब यह समस्या लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है।”
एक अन्य युवक भी घायल
उसी दिन देवी रोड पर भी एक अन्य हादसा हुआ, जब लावारिस गोवंश के अचानक सामने आ जाने से एक बाइक सवार युवक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसे भी गंभीर चोटें आईं और उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से सड़क और गली-मोहल्लों में आवारा पशु खुलेआम घूम रहे हैं। इनके कारण यातायात में बाधा और हादसे आम हो गए हैं।
क्षेत्रवासियों की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर में गोवंश पकड़ने और पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।





