
ऋषिकेश: उत्तराखंड में हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। कटाई से ठीक पहले आई बारिश और तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
शुक्रवार को हुई बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई।
इससे न सिर्फ दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है, बल्कि उत्पादन में भी कमी की आशंका जताई जा रही है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा असर
श्यामपुर, छिद्दरवाला, रानीपोखरी और माजरी ग्रांट के शेरगढ़ क्षेत्र में इस साल गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी।
लेकिन अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
आम और लीची की फसल भी प्रभावित
बारिश का असर सिर्फ गेहूं तक सीमित नहीं रहा।
आम और लीची के पेड़ों पर आई बौर भी प्रभावित हुई है, जिससे बागवानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों की बढ़ी चिंता
सिमलास ग्रांट के किसान उमेद वोरा के अनुसार, कटाई से ठीक पहले आई इस बारिश ने सारी उम्मीदों को झटका दे दिया है।
वहीं धर्मूचक के किसान परमजीत सिंह काकू का कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल के अनुसार, बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान होना तय है और इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
किसानों का कहना है कि इस समय आई बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
अब उनकी नजर मौसम के अगले रुख पर टिकी है।






