
विकासनगर क्षेत्र के शेरपुर में गुरुवार देर रात एक तेज रफ़्तार ट्रक अनियंत्रित होकर एक घर में घुस गया, जिससे मकान को भारी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित स्थान पर थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पछवादून क्षेत्र में खनन वाहनों की रफ्तार और अवैध संचालन को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पछवादून क्षेत्र में खनन से जुड़े भारी वाहनों की तेज रफ़्तार और अवैध आवाजाही लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। शिमला बाइपास के विभिन्न हिस्सों में लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिसके बावजूद स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई न होने से लोग रोष में हैं।
दुर्घटना कैसे हुई
गुरुवार देर रात शिमला बाइपास के शेरपुर क्षेत्र से गुजर रहा एक तेज रफ़्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक घर में जा घुसा। धक्का इतनी तेज था कि घर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और सामान बिखर गया। परिवार के सदस्य उस समय घर के एक हिस्से में मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना किसी बड़े हादसे का संकेत है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की रफ्तार किस कदर अनियंत्रित हो चुकी है।
एक महीने में दूसरी घटना
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले एक महीने में यह दूसरी घटना है, जब तेज रफ़्तार लोडर या ट्रक किसी घर में घुसकर नुकसान पहुँचा चुका है। लोगों का कहना है कि खनन वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है और इनकी निगरानी बेहद कमजोर है।
स्थानीय / मानवीय आवाजें
एक व्यक्ति ने कहा, “हम हर रात दहशत में सोते हैं। ट्रकों की रफ्तार इतनी ज्यादा है कि किसी भी समय जान-माल का नुकसान हो सकता है।”
सड़क किनारे रहने वाली एक महिला ने बताया, “बच्चों को बाहर निकलने नहीं देते। रोज खनन वाहनों का शोर और स्पीड जान लेवा बन चुकी है।”
लोगों की मांग
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई तत्काल कदम उठाने की मांग की है—
- रात में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए
- ओवरलोड और तेज रफ़्तार वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए
- खनन वाहनों के अवैध संचालन पर रोक लगे
लोगों का कहना है कि यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं लाई गई तो कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
आगे क्या
पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इस दुर्घटना पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे।





