
देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें विपक्ष से ज्यादा अपने ही नेताओं के बयानों से बढ़ती नजर आ रही हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पहले से ही सवालों में घिरी भाजपा को अब एक और अंदरूनी विवाद का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रामशरण नौटियाल ने अपने गृह क्षेत्र विकासनगर की नगर पालिका में डाली गई सीवर लाइन परियोजना में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अपनी ही पार्टी के विधायक और सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विकासनगर नगर पालिका क्षेत्र में हाल ही में सीवर लाइन बिछाने का कार्य कराया गया है। यह परियोजना शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन काम पूरा होने के कुछ ही समय बाद सड़कों के धंसने और जगह-जगह गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आने लगीं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी और परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे।
आधिकारिक जानकारी / आरोप
रामशरण नौटियाल ने आरोप लगाया कि 533 करोड़ रुपये की इस सीवर परियोजना में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से भारी कमीशनखोरी हुई है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सीवर पाइपों में लीकेज हो रहा है और सड़कें अपने आप धंस रही हैं, जो घटिया निर्माण की ओर इशारा करता है। इशारों-इशारों में उन्होंने क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्र में चल रही योजनाओं में लगातार धांधली की शिकायतें मिल रही हैं।
पार्टी के भीतर प्रतिक्रिया
रामशरण नौटियाल के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को सरकार या विधायक पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करनी चाहिए। यदि किसी के पास ठोस तथ्य हैं, तो उन्हें पार्टी फोरम या सरकार के समक्ष रखा जाना चाहिए, ताकि उस पर उचित कार्रवाई हो सके।
विधायक का पक्ष
विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर कमीशनखोरी का कोई आरोप सिद्ध नहीं किया जा सकता और उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बदले एक रुपया तक नहीं लिया है। सीवर लाइन परियोजना को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी के साथ केवल बैठकों में चर्चा हुई है और भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
विधायक ने यह भी कहा कि वह जो भी कार्य करते हैं, पूरी पारदर्शिता के साथ करते हैं और इसमें छुपाने जैसा कुछ नहीं है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें धंसने और सीवर पाइप लीकेज जैसी समस्याओं से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कहीं भी लापरवाही या भ्रष्टाचार हुआ है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राजेंद्र शाह ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस का नारा तो देती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सत्ताधारी दल के ही नेता भ्रष्टाचार की बात कह रहे हैं और फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल विकासनगर सीवर परियोजना को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इन आरोपों की जांच कराते हैं या नहीं, और यदि कराते हैं तो उसमें क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।







