
विकासनगर (देहरादून): उपजिलाधिकारी विकासनगर के आदेश पर सहसपुर क्षेत्र के लांघा टॉड और छरबा गांव में करीब 100 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया। जेसीबी की मदद से सड़कें, चकमार्ग, सीमांकन लाइनें और अन्य अनधिकृत निर्माण तत्काल प्रभाव से हटाए गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सहसपुर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं। निजी व्यक्तियों द्वारा राजस्व भूमि पर अनधिकृत भू-विभाजन और सड़क निर्माण करने की जानकारी पर प्रशासन ने बीते दिनों जांच शुरू की थी। आदेश जारी होने के बाद बुधवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई।
आधिकारिक जानकारी
तहसील विकासनगर के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार के आदेश संख्या 611/एल-0029/एस-सहसपुर/2025 दिनांक 19 नवंबर 2025 के अनुसार पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने लांघा टॉड और छरबा गांव में अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त किया।
टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध सड़कें, चकमार्ग, प्लॉट सीमांकन और अन्य निर्माण कार्यों को नष्ट किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह भूमि राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र की थी, जिस पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, कनिष्ठ अभियंता अमन पाल, कनिष्ठ अभियंता ललित सिंह नेगी और सुपरवाइजर प्यारेलाल टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस बल ने सुरक्षा घेरा बनाकर कार्यवाही को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने कहा कि क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग बढ़ते हुए आवासीय दबाव और विवाद का कारण बन रही थी। कई लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि इससे भूमि विवाद और अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगेगा।
वहीं, कुछ लोगों ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग के कारण किसानों की कृषि भूमि भी प्रभावित हो रही थी, जिसे रोकना आवश्यक था।
अगला कदम / आगे क्या
प्रशासन ने दोहराया कि राजस्व और सरकारी भूमि पर कब्जा या अवैध कॉलोनी निर्माण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसे मामलों की पहचान कर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। संबंधित विभागों को भी निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।





