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देहरादून: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को ग्राम्य विकास विभाग से वाइब्रेंट विलेज योजना (VVP) की प्रगति रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक प्रचार-प्रसार और सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। यह योजना भारत-चीन और भारत-नेपाल सीमा से लगे गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई वाइब्रेंट विलेज योजना (VVP) का उद्देश्य सीमांत गांवों को मजबूत आधारभूत सुविधाओं, आजीविका अवसरों और बेहतर जीवन-स्तर से जोड़ना है। उत्तराखंड के कई सीमांत गांव लंबे समय से पलायन, रोजगार की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। यह योजना इन समस्याओं का समाधान करने और सीमांत क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अधिकारिक जानकारी
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 91 गांवों को VVP के तहत चयनित किया गया है। इनमें 51 गांव पहले चरण में और 40 गांव दूसरे चरण में शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीमांत गांवों के प्रति संवेदनशीलता “माणा को देश का प्रथम गांव” कहने के संदेश में स्पष्ट दिखती है।
पहला चरण – VVP-1 के तहत 51 गांव
- उत्तरकाशी (भटवाड़ी ब्लॉक) – 10 गांव
- चमोली (जोशीमठ ब्लॉक) – 14 गांव
- पिथौरागढ़ – मुनस्यारी (08), धारचूला (17), कनालीछीना (02)
इन गांवों के लिए राज्य सरकार द्वारा ₹520.13 करोड़ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेजी गई थी, जिनमें से ₹110 करोड़ से अधिक की राशि राज्य को प्राप्त हो चुकी है।
दूसरा चरण – VVP-2 के तहत 40 गांव
- चम्पावत – 11 गांव
- पिथौरागढ़ – 24 गांव
- ऊधम सिंह नगर – 06 गांव
इन गांवों का डेटा संकलन और सत्यापन तेज गति से जारी है।
सड़क नेटवर्क का विस्तार
VVP के रोड कंपोनेंट के तहत पिथौरागढ़ जिले में पीएमजीएसवाई की 5 नई सड़कों के लिए ₹119.44 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इससे सीमांत क्षेत्रों में आवाजाही, व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सीमांत गावों में रहने वाले लोगों का कहना है कि बेहतर सड़कें, आजीविका के अवसर और पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार बढ़ेगा और पलायन में कमी आएगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि योजना धरातल पर तेजी से लागू होगी।
मंत्री गणेश जोशी का बयान
गणेश जोशी ने कहा कि VVP न केवल आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि कृषि, बागवानी, पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय संस्कृति को भी नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों में पलायन रोकने के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।
आगे क्या
विभाग अगले कुछ महीनों में चयनित गांवों में मॉडल विलेज ढांचे पर तेजी से काम शुरू करेगा। सड़क, बिजली, पानी, इंटरनेट, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले चरण में गांवों के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं तैयार कर केंद्र को भेजी जाएंगी।






