
उत्तरकाशी—भटवाड़ी ब्लॉक के पाही गांव में सोमवार को एक भालू ने 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिले में दो महीनों के भीतर भालू के हमले की यह 13वीं घटना है, जिससे ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में हाल के दिनों में भालू, गुलदार, हाथी और बाघ जैसे वन्यजीवों के हमलों में तेजी आई है। उत्तरकाशी विशेष रूप से भालू हमलों का केंद्र बनता दिख रहा है, जहां लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीण जीवन को प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र के निवासी अब रोजमर्रा के काम, जैसे जंगल से चारा-पत्ती, लकड़ी और पानी लाने तक में डर महसूस कर रहे हैं।
घटना का विवरण
भटवाड़ी विकासखंड के पाही गांव की निवासी 65 वर्षीय रुक्मणी देवी दोपहर करीब तीन बजे अपने मवेशियों को पानी और चारा देने के लिए छानी की ओर जा रही थीं। जैसे ही वह छानी के पास पहुंचीं, एक भालू जो पहले से घात लगाकर बैठा था, उन पर अचानक झपट पड़ा। हमले में महिला बुरी तरह घायल हो गईं। उनके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए भालू को वहां से भगाया। इसके बाद घायल रुक्मणी देवी को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल उत्तरकाशी रेफर कर दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि भालू अब दिनदहाड़े हमला कर रहे हैं, जिससे असुरक्षा का माहौल और गहरा गया है। कई लोगों ने बताया कि भालू के डर से वे जंगल जाने से बच रहे हैं, जबकि यह ग्रामीण जीवन का जरूरी हिस्सा है।
सुरेश, मनोज राणा और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने वन विभाग कार्यालय का घेराव भी किया था, लेकिन उसके बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं आया।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
वन क्षेत्राधिकारी रूप मोहन नौटियाल ने बताया कि पाही गांव में भालू के हमले की सूचना मिलते ही विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल महिला के परिजनों को तत्काल उपचार के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि भालू की गतिविधियों को देखते हुए गांवों में वन कर्मियों की रात्रि गश्त को बढ़ा दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।
उन्होंने स्वीकार किया कि भालू की बढ़ती गतिविधियां चिंता का विषय हैं और विभाग प्रयास कर रहा है कि ऐसे घटनाओं को रोका जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
आगे क्या?
ग्रामीणों की बढ़ती चिंता और लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए वन विभाग पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग बढ़ गई है। आने वाले दिनों में वन विभाग की गश्त और निगरानी को और मजबूत करने की संभावना जताई जा रही है।






