
देहरादून: उत्तराखंड में ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक ठिठुरन बढ़ती जा रही है। शनिवार को हरिद्वार में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में सूखी ठंड का असर रहेगा, लेकिन नए साल की शुरुआत में बारिश और बर्फबारी से मौसम करवट ले सकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सर्दियों के इस दौर में उत्तराखंड में कोहरा और गिरता तापमान आम बात है, लेकिन इस बार मैदानी इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। कोहरे की वजह से सुबह और रात के समय दृश्यता काफी घट रही है, जिससे यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 29 दिसंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन 30 और 31 दिसंबर के साथ 1 जनवरी को पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कोहरे के चलते मैदानी क्षेत्रों में सूखी ठंड परेशान कर सकती है, जबकि पहाड़ों में तापमान और गिरने के आसार हैं।
कोहरे का असर और ट्रेनों की स्थिति
कोहरे की मार का असर रेल यातायात पर भी साफ नजर आया। शुक्रवार को देहरादून आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं। देहरादून रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन करीब 15 मिनट की देरी से पहुंची। वहीं हावड़ा से आने वाली कुंभ एक्सप्रेस भी तय समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सकी और देर रात आने की संभावना जताई गई।
इसके अलावा अमृतसर से देहरादून आने वाली ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब सवा चार घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। यात्रियों को ठंड और कोहरे के बीच लंबा इंतजार करना पड़ा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कोहरे के कारण सुबह और रात के समय सफर करना मुश्किल हो गया है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार जैसे-जैसे नया साल नजदीक आएगा, मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने लोगों से कोहरे के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।






