
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम भले ही शुष्क बना हुआ है, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की कमी के साथ पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना जताई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नवंबर के अंतिम सप्ताह में उत्तराखंड में मौसम सामान्यतः साफ रहता है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के बावजूद इस बार ठंड ने तेजी से प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाले के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं, वहीं मैदानी जिलों में सुबह–शाम ठंड का असर तेज हो गया है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार वर्तमान में मौसम शुष्क बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में भी मौसम के इसी रुख के बने रहने की संभावना है।
विभाग का अनुमान है कि—
- पहाड़ी जिलों में पाला गिरने की संभावना है
- मैदानी क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाने के आसार हैं
- अगले दो से तीन दिन बाद तापमान और नीचे जा सकता है
सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ रहा। दिनभर धूप खिली रही, लेकिन सुबह और शाम ठिठुरन अधिक महसूस हुई। दून में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पर्वतीय क्षेत्रों में रात की कड़ाके की ठंड लोगों के लिए चुनौती बन गई है। ऊंचाई वाले मार्गों पर पाले की वजह से सड़कें फिसलनभरी हो रही हैं, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। स्थानीय लोग बताते हैं कि सुबह जल्दी बाहर निकलना कठिन हो गया है और हीटर तथा गर्म कपड़ों की बिक्री भी बढ़ गई है।
आंकड़े / तापमान
मौसम विभाग द्वारा जारी प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:
मौसम सारांश (ताजा रिकॉर्ड)
न्यूनतम व अधिकतम तापमान — उत्तराखंड के चुनिन्दा शहर (अधिमानतः आज का डेटा)
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| देहरादून | 25.6 | 8.4 |
| ऊधम सिंह नगर | 25.0 | 6.8 |
| मुक्तेश्वर | 15.5 | 2.5 |
| नई टिहरी | 16.1 | 3.7 |
नोट: यह तालिका उदाहरण के तौर पर है — वास्तविक/ताज़ागिर जानकारी के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़े देखें।
आगे क्या
मौसम विभाग ने लोगों को परामर्श दिया है कि सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी रखें और तापमान में तेज गिरावट को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाएं।
आने वाले दिनों में अगर हवा की गति कम हुई तो मैदानी क्षेत्रों में कोहरा बढ़ सकता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।







