
उत्तराखंड: प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में 20 दिसंबर को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं। वहीं, मैदानी जिलों में कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे जनजीवन और परिवहन प्रभावित रहने की आशंका है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सर्दियों के इस दौर में उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम का उतार-चढ़ाव आम है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में कोहरा बढ़ता है, जिससे तापमान में गिरावट और दृश्यता प्रभावित होती है। वीकेंड पर आए बदलाव ने ठंड का असर और तेज कर दिया है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी में कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
देहरादून में बदला मौसम
वीकेंड पर राजधानी देहरादून में सुबह से धुंध छाई रही। ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और दृश्यता कम रही। इसका असर हवाई और रेल सेवाओं पर भी पड़ा। देहरादून आने वाली कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कुछ को दिल्ली में ही रोक दिया गया। ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही और लंबी दूरी की बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सुबह के समय प्रमुख मार्गों पर वाहन चालकों को धीमी गति से सफर करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और मॉर्निंग वॉक पर निकलने वालों ने ठंड का अधिक असर महसूस किया। बाहरी और पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्रों में ठिठुरन ज्यादा रही।
मसूरी में कड़ाके की ठंड
पहाड़ी पर्यटन नगरी मसूरी में ठंड ने और जोर पकड़ लिया है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाने से दृश्यता काफी कम रही। ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आई, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग गरम कपड़ों में लिपटे नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार मसूरी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड और बढ़ सकती है।
आगे क्या होगा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। सुबह और देर शाम ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। लोगों को गरम कपड़े पहनने, कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। मौसम में बदलाव के साथ बाजारों में ऊनी कपड़ों और गरम पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ती दिख रही है।






