
देहरादून — जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न का असर अब उत्तराखंड के तापमान पर साफ दिखाई देने लगा है। सर्दियों की बारिश में भारी गिरावट के कारण मैदान से लेकर पहाड़ तक सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले चार से पांच दिनों में प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे रातें और अधिक सर्द होंगी, हालांकि दिन के समय चटक धूप से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर वर्ष सर्दियों में होने वाली बारिश और बर्फबारी तापमान संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। इस बार बारिश की कमी के चलते ठंड का स्वरूप बदल गया है और सूखी ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। इसका प्रभाव दैनिक जीवन के साथ-साथ खेती और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे रात के समय ठंड बढ़ेगी, जबकि दिन में धूप खिलने से तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश न होने से ठंड का असर अलग तरह से महसूस हो रहा है। सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम सामान्य लग रहा है।
आंकड़े / तापमान
रविवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान का रुख कुछ ऐसा ही बना हुआ है।
बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में आज हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 20 दिसंबर तक प्रदेशभर में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।
आगे क्या?
आने वाले दिनों में रात के समय ठंड और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।






