
हरिद्वार में गुरुवार से परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी करते हुए 40 दिन का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अब दोपहिया और चौपहिया वाहन मालिकों को अपनी आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा ई-चालान, बीमा और पीयूसी से जुड़ी प्रक्रियाओं में गंभीर समस्या आ सकती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
परिवहन विभाग ने हाल ही में राज्यभर में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और सख्त किया है। अब ई-चालान, बीमा नवीनीकरण, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और अन्य सभी सेवाएँ वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़ी हैं। ऐसे में गलत या पुराना नंबर होने पर वाहन मालिक को कई महत्वपूर्ण सेवाएँ मिलने में बाधा आ सकती है।
क्यों जरूरी है मोबाइल नंबर अपडेट करना
राज्यभर में 37 लोकेशनों पर लगे ANPR कैमरे मोटरयान अधिनियम की धारा 136-ए के तहत इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इन कैमरों के जरिए जारी होने वाला ई-चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
यदि नंबर अपडेट नहीं है तो—
- ई-चालान समय पर नहीं मिल पाएगा
- बीमा नवीनीकरण में बाधा आएगी
- PUC प्रमाणपत्र जारी नहीं होगा
- सड़क पर पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लग सकता है
विभाग के अनुसार यह अनिवार्यता डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट को मजबूत बनाने के लिए लागू की गई है।
अभियान कैसे चलेगा
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (हरिद्वार) निखिल शर्मा ने बताया कि—
- वाहन मालिक विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन नंबर अपडेट कर सकते हैं
- या सीधे आरटीओ कार्यालय जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं
- 40 दिनों तक विशेष अभियान जारी रहेगा
- हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं
उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि अधिकतम वाहन मालिक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर समय पर अपडेट करा लें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम ई-गवर्नेंस को मजबूत करेगा, लेकिन जागरूकता की आवश्यकता है।
एक वाहन चालक ने कहा, “अक्सर लोग वाहन खरीदने के बाद नंबर नहीं बदलते, जिससे बाद में ई-चालान या अन्य सूचना नहीं मिलती। यह अभियान जरूरी है।”
आगे क्या
परिवहन विभाग 40 दिनों तक डाटा अपडेट की प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी जागरूकता अभियान चलाएगा। नंबर अपडेट न होने पर भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।





