
देहरादून: अक्टूबर माह में उत्तराखंड में सामान्य से करीब 35 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद ठंड ने उम्मीद के मुताबिक दस्तक नहीं दी। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। जहां पहाड़ों में हल्की ठंडक का असर महसूस हो रहा है, वहीं मैदानी क्षेत्र अब भी गर्म हवाओं की चपेट में हैं।
औसत से अधिक बरसे बादल, फिर भी तापमान सामान्य से ऊपर
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार अक्टूबर में प्रदेश में औसतन 41.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 31 मिमी होती है। यानी इस बार बारिश 35% अधिक रही।
- बागेश्वर जिले में सर्वाधिक 69.7 मिमी वर्षा हुई, जो 242% अधिक रही।
- रुद्रप्रयाग में 212%, चमोली में 161%, अल्मोड़ा में 70% और टिहरी में 65% अधिक वर्षा दर्ज की गई।
- वहीं, हरिद्वार (52%) और ऊधमसिंह नगर (54%) में भी औसत से ज्यादा बारिश हुई।
इसके विपरीत, कुछ जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही —
- नैनीताल में 8%,
- पिथौरागढ़ में 11% और
- उत्तरकाशी में 13% कम बारिश दर्ज की गई।
देहरादून में 13% और पौड़ी में 5% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
ठंड क्यों नहीं आई? मौसम विशेषज्ञों ने बताया कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में बारिश जरूर हुई, लेकिन उसके बाद लगातार साफ आसमान, गर्म हवाएं और शुष्क मौसम ने ठंड को रोक दिया। इस बार पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां कमजोर रहीं, जिसके चलते रात के तापमान में गिरावट नहीं देखी गई।
“पर्वतीय इलाकों में हल्की ठंडक जरूर है,
लेकिन मैदानों में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।”
— मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
24 घंटे में दो डिग्री बढ़ा पारा
शुक्रवार को देहरादून समेत अधिकांश क्षेत्रों में धूप और बादलों की आंख-मिचौली देखने को मिली। इससे न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
3 नवंबर से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने बताया कि 3 नवंबर 2025 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सक्रिय हो सकता है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और तापमान में गिरावट की संभावना है। यानी अगले सप्ताह से सर्दी की शुरुआत धीरे-धीरे होने की उम्मीद है।
क्षेत्रवार वर्षा का संक्षिप्त आंकड़ा
| जिला | सामान्य से वर्षा में अंतर (%) |
|---|---|
| बागेश्वर | +242% |
| रुद्रप्रयाग | +212% |
| चमोली | +161% |
| अल्मोड़ा | +70% |
| टिहरी | +65% |
| हरिद्वार | +52% |
| ऊधमसिंह नगर | +54% |
| नैनीताल | -8% |
| पिथौरागढ़ | -11% |
| उत्तरकाशी | -13% |
| देहरादून | +13% |
| पौड़ी | +5% |







