
देहरादून/खटीमा में नए साल के जश्न को लेकर उत्तराखंड सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के प्रदेश में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सोमवार 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने 31 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और पर्यटकों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए साल के जश्न में किसी भी तरह की अव्यवस्था या असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर वर्ष नए साल के मौके पर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है। सड़क जाम, पार्किंग की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर पहले भी प्रशासन को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसी को देखते हुए इस बार सरकार ने पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में लगातार रात्रिकालीन गश्त की जाए और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, होटल और रिसॉर्ट्स में सुरक्षा और फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने, अनियंत्रित ड्राइविंग और अवैध पार्किंग पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि चेकिंग के नाम पर आम जनता और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि नए साल पर ट्रैफिक और पार्किंग सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन सक्रिय रहे तो जाम और अव्यवस्था से बचा जा सकता है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने भी सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था पर जोर दिया है।
आंकड़े / तथ्य
31 दिसंबर से 5 जनवरी 2026 तक विशेष सतर्कता अवधि तय की गई है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस को पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा सभी जिलों में ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टास्क फोर्स और पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्रों को सक्रिय किया जाएगा।
चंपावत जिले में भी अलर्ट
चंपावत जिले में भी नए साल और 31 दिसंबर को लेकर पुलिस व जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। मां पूर्णागिरी धाम में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज बगोरिया ने टैक्सी चालकों के साथ बैठक कर नशे में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और अतिरिक्त किराया वसूलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। रात्रिकालीन यात्रा और कोहरे को देखते हुए सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर और सुरक्षा संकेतक लगाने पर भी जोर दिया गया है।





