
देहरादून: प्रदेश में आगामी 20 दिसंबर से खेल महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है, जिसके लिए सरकार ने सामान्य दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा, जिसमें न्याय पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी तक खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। अलग-अलग आयु वर्गों और दिव्यांगजन श्रेणी के खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन प्रदेश के जमीनी खेल ढांचे को मजबूत करने और प्रतिभाओं को राज्य से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड सरकार द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाला खेल महाकुंभ स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान देने का प्रमुख माध्यम है। इस बार आयोजन को अधिक व्यापक बनाने के लिए चार चरणों में मुकाबलों की रूपरेखा तय की गई है। पहले भी इस महाकुंभ के माध्यम से कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है।
आधिकारिक जानकारी
प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि खेल महाकुंभ की प्रतियोगिताएँ तीन श्रेणियों—अंडर-14, अंडर-19 और दिव्यांगजन—में आयोजित होंगी।
- अंडर-14: 11 से 14 वर्ष
- अंडर-19: 15 से 19 वर्ष
- दिव्यांगजन: बिना आयु सीमा
सरकार हर स्तर—न्याय पंचायत, विधानसभा, सांसद व मुख्यमंत्री चैंपियनशिप—पर अलग-अलग धनराशि उपलब्ध कराएगी। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के विजेताओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि न्याय पंचायत स्तर पर विजेता खिलाड़ी विधानसभा स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होंगे और आगे चयन प्रक्रिया जारी रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि खेल महाकुंभ उनके लिए बड़ा मंच साबित होता है। इससे गाँव और कस्बों की प्रतिभाओं को भी राज्य स्तर तक पहुँचने का मौका मिलता है।
खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि इस बार श्रेणियों के अनुसार किए गए विभाजन से अधिक संख्या में खिलाड़ी भाग लेंगे और प्रतिस्पर्धा का स्तर भी बेहतर होगा।
आगे क्या?
खेल विभाग अब जिलों को विस्तृत कार्यक्रम और खेलों की सूची भेजेगा। पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन को भी खेल मैदान, उपकरण और अधिकारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने की संभावना है।







