
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने नए साल से पहले पुलिस महकमे को बड़ी प्रशासनिक सौगात दी है। शासन स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में 9 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को पदोन्नति देने पर अंतिम मुहर लगा दी गई। लंबे समय से डीपीसी का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों की पदोन्नति से पुलिस विभाग के शीर्ष ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता और नेतृत्व को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड पुलिस में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे। जनवरी 2026 में प्रस्तावित प्रमोशन से पहले ही शासन ने डीपीसी आयोजित कर प्रक्रिया पूरी कर ली, जिससे अधिकारियों को समय से पदोन्नति का लाभ मिल सका।
डीपीसी के बाद क्या बदला
डीपीसी के फैसले के बाद उत्तराखंड पुलिस के शीर्ष पदों पर बदलाव तय हो गए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजी) रैंक पर अभिनव कुमार को पदोन्नत किया गया है। वे राज्य के अनुभवी आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं और इससे पहले कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
आईजी और डीआईजी स्तर पर पदोन्नति
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रैंक पर निवेदिता कुकरेती, पी रेणुका और बरिंदर जीत सिंह को पदोन्नति मिली है। पी रेणुका और बरिंदर जीत सिंह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए उन्हें प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया है।
वहीं पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक पर प्रहलाद मीणा, प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत चौहान को पदोन्नत किया गया है। प्रीति प्रियदर्शिनी को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के चलते प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया है।
एसएसपी रैंक पर प्रमोशन
इसके अलावा आईपीएस तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रैंक पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों को अशोक स्तंभ के साथ दो स्टार धारण करने का अधिकार मिल गया है, जिसे कैडर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
स्थानीय / विभागीय प्रतिक्रिया
पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से अटकी पदोन्नतियों के बाद महकमे में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिलेगा।
कर्मचारियों ने भी उम्मीद जताई कि मजबूत नेतृत्व से कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आएगी।
आगे क्या होगा
पदोन्नति आदेश जारी होते ही संबंधित अधिकारी अपने नए दायित्व संभालेंगे। इससे राज्य पुलिस के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने और कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।







