
देहरादून: वर्ष 2025 उत्तराखंड के लिए आपदाओं के लिहाज से बेहद कठिन साबित हुआ। अगस्त और सितंबर माह में भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और देहरादून जिलों में गंभीर नुकसान हुआ। इन आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी जिले के धराली और आसपास के क्षेत्रों में आई आपदा ने भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई और कई अब भी लापता हैं। साथ ही देहरादून और चमोली जिलों में भी भूस्खलन और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए राहत पैकेज में बढ़ोतरी का फैसला किया है।
आधिकारिक जानकारी
राज्य सरकार ने एसडीआरएफ मद से मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। धराली आपदा में 2 लोगों की मौत हुई थी जबकि 67 लोग लापता हुए थे। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि आपदा में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देने और नुकसान की भरपाई के लिए कैबिनेट ने व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि, “सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आपदा पीड़ित परिवार को राहत से वंचित न रहना पड़े। इसलिए सहायता राशि में वृद्धि की गई है।”
स्थानीय / मानवीय दृष्टिकोण
धराली और उत्तरकाशी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार का यह कदम सराहनीय है, लेकिन राहत राशि समय पर मिले, यह सबसे बड़ी जरूरत है। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “कई परिवार अब भी मलबे के नीचे घर खोज रहे हैं, ऐसे में आर्थिक मदद से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।”
मकान क्षति पर सहायता
कैबिनेट ने पक्के मकानों के लिए भी राहत राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब आपदा में ध्वस्त पक्के मकानों के लिए 5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। पहले पर्वतीय क्षेत्रों में 3 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 2.80 लाख रुपए की व्यवस्था थी। वहीं कच्चे मकानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपए अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
व्यावसायिक भवनों को राहत
आपदा के दौरान कई दुकानों और व्यावसायिक भवनों को नुकसान पहुंचा था। सरकार ने ऐसे मामलों में “केस टू केस” आधार पर सहायता देने का फैसला किया है। इससे छोटे कारोबारियों और दुकानदारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की प्रक्रिया
सरकार अब जिलों से प्रभावितों की अद्यतन रिपोर्ट लेकर सहायता वितरण की प्रक्रिया शुरू करेगी। गृह सचिव ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपदा प्रभावितों की सूची जल्द तैयार करें ताकि राहत राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई जा सके।





