
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए गढ़वाल मंडल के जुझारू नेताओं पर भरोसा जताया है। गणेश गोदियाल को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह को प्रचार समिति और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस कदम को कांग्रेस हाईकमान का भाजपा के खिलाफ नई राजनीतिक बिसात बिछाने का प्रयास माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस लंबे समय से संगठनात्मक बदलाव की तैयारी में थी। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए करण माहरा को अब कांग्रेस कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जबकि पार्टी ने इस फेरबदल के ज़रिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
करण माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य दोनों कुमाऊं मंडल से आते हैं, इसलिए पार्टी ने अब गढ़वाल मंडल को तवज्जो देकर नया नेतृत्व सौंपा है।
गढ़वाल को मिला नेतृत्व, ब्राह्मण और जुझारू चेहरों पर दांव
कांग्रेस ने गढ़वाल से ही तीन दिग्गज नेताओं — गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह और डॉ. हरक सिंह रावत — को अहम जिम्मेदारी देकर इस क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। गोदियाल ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का करीबी माना जाता है। हरीश रावत लंबे समय से कांग्रेस में ब्राह्मण चेहरे को प्रतिनिधित्व देने की पैरवी करते रहे हैं।
यह फेरबदल इस बात का भी संकेत है कि पार्टी अब गढ़वाल बनाम कुमाऊं संतुलन के साथ-साथ सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान दे रही है।
प्रीतम सिंह को प्रचार समिति की कमान
चकराता सीट से लगातार छठी बार विधायक बने प्रीतम सिंह को प्रदेश में पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व सौंपा गया है।
पार्टी ने उन्हें केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य भी बनाया है। पिछले चुनाव में यह जिम्मेदारी हरीश रावत के पास थी, लेकिन अब पार्टी ने अपेक्षाकृत युवा और जुझारू नेतृत्व को आगे किया है।
प्रीतम सिंह की संगठन में स्वीकार्यता और मैदान में सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने यह भरोसा जताया है कि वह आने वाले चुनाव में कांग्रेस के प्रचार अभियान को नया जोश देंगे।
डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी
लंबे समय से संगठन में हाशिये पर चल रहे डॉ. हरक सिंह रावत को कांग्रेस ने चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाकर सक्रिय राजनीति में वापसी का मौका दिया है। कभी भाजपा में रहते हुए कांग्रेस छोड़ने और फिर 2022 के चुनाव से ठीक पहले वापसी करने वाले हरक सिंह रावत की छवि एक जुझारू और प्रभावशाली नेता की रही है।
उनका और हरीश रावत का रिश्ता लंबे समय तक तनावपूर्ण रहा, लेकिन हाल के दिनों में दोनों के बीच राजनीतिक समीकरण सुधरे हैं।
अब दोनों एक मंच पर आकर कांग्रेस के चुनावी अभियान को मजबूत करने में जुट सकते हैं।
कांग्रेस की नई रणनीति — समन्वय और क्षेत्रीय संतुलन
कांग्रेस हाईकमान ने इस फेरबदल के जरिए स्पष्ट किया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अनुभव, जुझारूपन और समन्वय को प्राथमिकता दे रही है। नई टीम में प्रदेश के प्रमुख नेताओं के बीच तालमेल पर जोर दिया गया है, ताकि पिछले चुनाव की तरह गुटबाजी दोहराई न जाए।







