
देहरादून: उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक आज संपन्न हुई, जिसमें कुल 11 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आम जनता, कर्मचारियों, किसानों, कलाकारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर फैसला हुआ। प्राकृतिक गैस पर वैट में बड़ी कटौती, कलाकारों की पेंशन में बढ़ोतरी, दुर्गम क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को अतिरिक्त भत्ता और वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन जैसे फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से सीधे जुड़े हैं। इन निर्णयों का प्रभाव शहरी से लेकर दूरस्थ पहाड़ी इलाकों तक दिखने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में लंबे समय से कर्मचारियों के वेतन, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं। इससे पहले भी उपनल कर्मचारियों के समान कार्य, समान वेतन और आयुष्मान योजना के संचालन मॉडल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कैबिनेट के ताजा फैसले इन्हीं लंबित और जनहित से जुड़े मामलों को सुलझाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
कैबिनेट बैठक में वित्त, कृषि, संस्कृति, आवास, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसे विभागों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
वित्त विभाग के तहत नेचुरल गैस पर वैट की दर 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
कृषि विभाग ने धराली और आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए हैं, जिसमें रॉयल डिलिशियस सेब 51 रुपये और रेड डिलिशियस 45 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया।
संस्कृति विभाग के अंतर्गत कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन 3000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दी गई।
आवास विभाग ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत निम्न जोखिम वाले और छोटे व्यावसायिक भवनों के नक्शे एम्पनल्ड आर्किटेक्ट से पास कराने की व्यवस्था को मंजूरी दी।
औद्योगिक विकास के तहत एमएसएमई और इंडस्ट्री यूनिट्स के लिए ग्राउंड कवरेज बढ़ाया गया है।
आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजनाएं अब 100 प्रतिशत इंश्योरेंस मोड में संचालित होंगी, जबकि गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में चलेगा।
सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन देने का भी निर्णय लिया गया।
चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली के तहत प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवानिवृत्ति आयु 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई है।
उपनल कर्मचारियों के समान कार्य, समान वेतन के मामले को मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।
दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने का फैसला हुआ है।
स्थानीय / मानवीय आवाजें
स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन और भत्तों से जुड़े फैसले लंबे समय से प्रतीक्षित थे और इससे काम करने का मनोबल बढ़ेगा।
कला जगत से जुड़े लोगों ने बताया कि पेंशन में बढ़ोतरी से वरिष्ठ कलाकारों और लेखकों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
आंकड़े / तथ्य
कैबिनेट बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत करीब 300 डॉक्टरों को अतिरिक्त भत्ते का लाभ मिलेगा।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन के मामले से 277 कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कर्मचारियों के अंशदान में महंगाई के अनुसार लगभग 250 रुपये से 450 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
आगे क्या होगा
सरकार के इन फैसलों के बाद संबंधित विभाग जल्द ही शासनादेश जारी करेंगे। उपनल कर्मचारियों के वेतन से जुड़े मामले पर मंत्रिमंडल उपसमिति रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा। आयुष्मान योजना के नए मॉडल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।







