
देहरादून: उत्तराखंड में आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजनाओं के तहत मिलने वाली निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने इन योजनाओं को अब शत-प्रतिशत इंश्योरेंस मोड पर संचालित करने का फैसला किया है, जिससे मरीजों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अस्पतालों को भुगतान की प्रक्रिया सुचारु होगी। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें अंशदान बढ़ने की संभावना जताई गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजनाएं बड़ी संख्या में लोगों को निशुल्क इलाज की सुविधा देती हैं। बीते वर्षों में अस्पतालों को भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे निजी और सरकारी दोनों तरह के अस्पताल प्रभावित हुए। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने संचालन मॉडल में बदलाव का निर्णय लिया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध बनी रहें।
आधिकारिक जानकारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजनाओं को अब पूरी तरह इंश्योरेंस के जरिए संचालित किया जाएगा। इलाज का खर्च राज्य सरकार ही वहन करेगी, लेकिन अस्पतालों को भुगतान इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड में चलाया जाएगा, जिसमें पांच लाख रुपये तक के क्लेम इंश्योरेंस के जरिए और उससे अधिक के क्लेम ट्रस्ट मोड से निपटाए जाएंगे।
स्थानीय / मानवीय आवाजें
सरकारी अस्पतालों से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया समय पर होने से इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी।
वहीं, गोल्डन कार्ड धारकों ने बताया कि इलाज मुफ्त रहने से आम जनता को राहत बनी रहेगी, हालांकि अंशदान बढ़ने को लेकर लोग स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।
आंकड़े / तथ्य
गोल्डन कार्ड योजना के तहत इलाज का करीब 125 करोड़ रुपये का बकाया राज्य सरकार वहन करेगी।
कर्मचारियों से लिए जाने वाले गोल्डन कार्ड अंशदान में महंगाई को देखते हुए 250 से 450 रुपये तक बढ़ोतरी की संभावना है।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 277 कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन के लाभ पर निर्णय के लिए मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को भेजा गया है।
दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों को वेतन मैट्रिक्स में 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा।
आगे क्या होगा
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद योजनाओं के लिए री-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए मॉडल के लागू होने से अस्पतालों को समय पर भुगतान होगा और सेवाओं में सुधार आएगा। गोल्डन कार्ड अंशदान में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों को जल्द औपचारिक सूचना दी जाएगी।







