
देहरादून: उर्मिला सनावर के देहरादून पहुंचने के बाद एक नया कथित ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया है, जिसने उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। वायरल ऑडियो में पूर्व विधायक सुरेश राठौर कथित तौर पर उर्मिला सनावर पर किसी मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेने का दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला निजी विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है, हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उर्मिला सनावर से जुड़े ऑडियो सामने आने के बाद बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड की राजनीति में लगातार चर्चाएं हो रही हैं। पहले भी उनके बयानों और दावों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा की थी। अब नया ऑडियो सामने आने से विवाद और गहरा गया है, जिसमें निजी रिश्तों के साथ-साथ राजनीतिक दबाव और निष्कासन जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
फिलहाल इस वायरल ऑडियो को लेकर किसी भी राजनीतिक दल या संबंधित व्यक्ति की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अधिकारी और संबंधित पक्ष टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऑडियो में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और यदि इसकी जांच होती है, तो इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के मामलों से प्रदेश की राजनीति की छवि पर भी असर पड़ता है।
वायरल ऑडियो में किए गए दावे
वायरल बातचीत में सुरेश राठौर यह कहते सुनाई देते हैं कि यदि उर्मिला सनावर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम ले लेतीं, तो उनका पार्टी से निष्कासन नहीं होता। ऑडियो में दोनों के बीच तीखी और भावनात्मक बहस सुनाई देती है, जिसमें निजी संबंधों, धोखेबाजी और राजनीतिक साजिशों के आरोप लगाए गए हैं। उर्मिला सनावर बातचीत में यह भी कहती सुनाई देती हैं कि बिना चार्जशीट के किसी पर हत्या या डकैती जैसे गंभीर आरोप लगाना उन्हें सीधे जेल भिजवा सकता था।
आगे क्या होगा
नए ऑडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। यदि ऑडियो की जांच या पुष्टि होती है, तो आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रिया या कानूनी कदम सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें संबंधित पक्षों के अगले बयान और संभावित जांच पर टिकी हैं।







