
देहरादून: समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों और वन मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। कर्मचारियों का क्रमिक अनशन पांचवें दिन और धरना छठे दिन भी जारी रहा।
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पृष्ठभूमि / संदर्भ
उपनल कर्मचारी लंबे समय से समान वेतन और नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं। हाल ही में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के बाद कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया है।
सरकार ने इस मामले के समाधान के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति बनाई है, जिसके अध्यक्ष वन मंत्री सुबोध उनियाल हैं।
बैठक में क्या हुआ?
शनिवार को जिला प्रशासन के माध्यम से आंदोलनरत कर्मचारियों को वन मंत्री के आवास पर वार्ता के लिए बुलाया गया। बैठक में उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार समान काम के लिए समान वेतन का आदेश तत्काल जारी कर दे, तो वे नियमितीकरण के लिए सरकार को समय देने को तैयार हैं।
मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल के अनुसार, बैठक में मंत्री की ओर से कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। बताया गया कि उप समिति डेढ़ से दो महीने में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
स्थानीय / मानव प्रतिक्रिया
धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि आर्थिक असुरक्षा और असमान वेतन के कारण उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। एक कर्मचारी ने कहा, “जब तक ठोस आदेश नहीं जारी होता, हम कैसे भरोसा करें? हमारे परिवारों की जिम्मेदारियां भी इसी पर टिकी हैं।”
आंदोलन का वर्तमान हाल
देहरादून परेड ग्राउंड में उपनल कर्मचारियों का क्रमिक अनशन और धरना जारी है। रविवार को धरने में हरीश कोठारी, विनय प्रसाद, जगत राम भट्ट, प्रताप सिंह बोरा सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आगे क्या?
संभावना है कि उप समिति आने वाले हफ्तों में विभागों से स्थिति रिपोर्ट मांगकर कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर व्यापक अध्ययन करेगी। कर्मचारियों का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।





