
देहरादून: नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर उपनल कर्मचारियों का धरना मंगलवार को दसवें दिन भी परेड ग्राउंड के निकट जारी रहा। इसी दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल आंदोलनरत कर्मचारियों से मिलने पहुंचे और सरकार पर उनकी आवाज अनसुनी करने का आरोप लगाया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उपनल कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन समानता और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। राज्य स्थापना दिवस के बाद से प्रदेशभर में आंदोलन तेज हुआ है। कई विभागों में हजारों कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं, जिन्हें लंबे समय से स्थायी ढांचा लागू न होने का लाभ नहीं मिल रहा। इन्हीं मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर कर्मचारी बीते 10 दिनों से सड़क के किनारे धरने पर बैठे हैं।
अधिकारिक जानकारी
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कर्मचारियों का हाल पूछा और कहा कि सरकार का इनकी समस्याओं को नजरअंदाज करना न्याय के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि ये सभी कर्मचारी राज्य की व्यवस्था चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर संवाद से बच रही है।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस उपनल कर्मचारियों के साथ है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, पार्टी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों से बातचीत कर समयबद्ध समाधान निकाले।
गोदियाल ने यह भी कहा कि यदि सरकार उपनल कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर देती है, तो वह स्वयं सरकार का अभिनंदन करेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वे खुले आसमान के नीचे कई दिनों से डटे हुए हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक किसी ठोस प्रतिक्रिया का इंतजार है। कई कर्मचारी इस आंदोलन को अपनी आजीविका और भविष्य से जुड़ा सवाल मान रहे हैं।
महिला कांग्रेस और पुलिस के बीच नोकझोंक
धरने के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी पहुंचीं और उन्होंने कर्मचारियों को राहत देने के उद्देश्य से टेंट की व्यवस्था कराई। पुलिस ने सड़क पर टेंट लगाने पर आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि यह क्षेत्र व्यस्त मार्ग है और स्थायी धरना स्थल नहीं है।
इस बात को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और उन्हें खुले में रात गुजारने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता को सुविधा देना है, न कि आंदोलित कर्मचारियों के प्रति बेरुखी दिखाना।
आगे क्या
उपनल कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखेंगे। राजनीतिक दलों के समर्थन और बढ़ती चर्चाओं के बीच अगले कुछ दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।







