
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के छात्र–छात्राओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 11वीं–12वीं के विद्यार्थियों के साथ ही उच्च शिक्षा में पढ़ रहे छात्र–छात्राओं को UPSC, SSC, NEET, JEE सहित विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए संसाधनों की कमी और महंगी कोचिंग बड़ी चुनौती रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। इसी जरूरत को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने व्यापक कोचिंग प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में नई योजना को आगे बढ़ाया है। ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ इस कमी को पूरा करने का प्रयास है।
अधिकारिक जानकारी
कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, UPSC, CDS, SSC, CAT, MAT, GATE और UGC NET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।
इस सुविधा में अध्ययन सामग्री, वीडियो लेक्चर, प्रैक्टिस सेट, लाइव क्लासेज और एआई आधारित डाउट क्लियरिंग सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। छात्रों को अपने लॉगइन के माध्यम से कभी भी अध्ययन सामग्री तक पहुंच होगी और हिंदी–इंग्लिश दोनों भाषाओं में संसाधन डाउनलोड किए जा सकेंगे। मेंटर सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि छात्रों को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिल सके।
इस योजना के लिए एक संस्था का चयन किया जाएगा जो मानकीकृत ऑनलाइन कोचिंग सेवाएं उपलब्ध कराएगी। छात्रों को चयन प्रक्रिया के बाद निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी अपनी ओर से प्रस्ताव रखा कि सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को CLAT, NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी मुफ्त कराई जाए। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी। राज्य सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से लगभग 10,000 छात्रों को लाभ पहुंचाने का है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शिक्षकों और अभिभावकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी तैयारी ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए मुश्किल हो जाती है। ऑनलाइन कोचिंग से अधिक छात्रों को अवसर मिलेगा और शिक्षा में समानता बढ़ेगी।
विशेषज्ञ टिप्पणी
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक ऑनलाइन शिक्षण, एआई आधारित सपोर्ट और व्यक्तिगत मेंटरिंग आज के समय की आवश्यकता है। ऐसी योजनाएँ न केवल विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार करती हैं, बल्कि सरकारी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी बढ़ाती हैं।
संख्या और तथ्य
योजना का लाभ लगभग 10,000 विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। UPSC से लेकर JEE और NEET तक कई परीक्षाओं को योजना में शामिल किया गया है। कोचिंग की सभी सुविधाएँ निःशुल्क होंगी और चयनित संस्था पूरे कार्यक्रम का संचालन करेगी।
आगे क्या होगा
शिक्षा विभाग जल्द ही संस्था चयन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद छात्रों के लिए पंजीकरण और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। योजना की शुरुआत होते ही छात्रों को लॉगइन उपलब्ध कराया जाएगा और ऑनलाइन क्लासेज शुरू हो जाएंगी। सरकार का कहना है कि यह योजना राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगी।







